Breaking News
  • उत्तराखंड: चीन सीमा की सामरिक महत्व वाली चार सड़कों के निर्माण को मंजूरी, निर्माण कार्यों में आएगी तेजी
  • उत्तराखंड: परिवहन चालकों-परिचालकों को राहत, छह महीने का वाहन टैक्स हो सकता है माफ
  • देहरादून के होटलों में चीन के नागरिकों पर बैन, चीनी उत्पादों और खाद्य वस्तुओं पर भी लगाया प्रतिबंध
  • देहरादून: अब छह दिन खुलेंगे बैंक, सरकारी व निजी कार्यालय, सातों दिन खुलेगा बाजार
  • चारधाम यात्रा 2020: एक जुलाई से उत्तराखंड के तीर्थयात्रियों के लिए शुरू होगी यात्रा, बाहर के श्रद्धालु नहीं कर पाएंगे दर्शन

राज्य कैबिनेट की बैठक में विस का बजट सत्र देहरादून में आयोजित करने का निर्णय

देहरादून, न्यूज़ आई। राज्य कैबिनेट की बैठक में बजट सत्र देहरादून में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में कोरोना वायरस कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए गए कुछ फैसलों पर भी मुहर लगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि कर्मचारियों की सीधी भर्ती में आरक्षण रोस्टर की नई व्यवस्था समाप्त कर पुरानी व्यवस्था को लागू करने पर मुहर लगी। अब पहला पद आरक्षित होगा।
सचिवालय में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में कोरोना वायरस पर नियंत्रण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी शासकीय प्रवक्ता और शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस कोविड-19 को देखते हुए सभी मॉल 31 मार्च तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। ऋषिकेश एवं टिहरी जनपद में आने वाले विदेशियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर कुमाऊं विकास निगम एवं गढ़वाल विकास निगम के गेस्ट हाउस और स्टेडियम को अधिकृत किया जाएगा। सभी विधायक अपनी विधायक निधि से 15 लाख रुपये मुख्य चिकित्सा अधिकारी को देंगे। इस धनराशि का उपयोग आवश्यकतानुसार व्यय किया जा सकता है। मुख्य सचिव प्रतिदिन और मुख्यमंत्री दो-तीन दिन के अंतराल पर स्थिति की समीक्षा करेंगे। वहीं अपील के रूप में कहा गया है कि सभी निजी क्षेत्र ऐसी व्यवस्था करें कि आसपास अधिक लोग एकत्र न हों। मरीज में लक्षण मिलने पर तुरंत हॉस्पिटल को सूचना दें। स्थिति पूर्णतः से नियंत्रण में है। इसलिए घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। कोरोना से निपटने के लिए 10 करोड़ की अतिरिक्त राशि दिये जाने का भी निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का सबसे अधिक फोकस एक स्थान पर भीड़भाड़ रोकने पर है। जिसके मद्देनजर सचिवालय सहित सभी सरकारी दफ्तरों के कर्मचारी घर से ही काम करेंगे। सिर्फ जरूरी सेवाओं के कर्मचारी दफ्तर आयेंगे या फिर जिन कर्मचारियों की जरूरत होगी उन्हे कार्यालय बुलाया जायेगा।