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राम जन्म भूमि पूजन से एक नए युग की शुरुआत, आज का दिन गौरवपूर्ण, इतिहास मे सुनहरे अक्षरो मे लिखा जाएगा : नरेश बंसल

देहरादून, न्यूज़ आई: नरेश बंसल जी (कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त) उपाध्यक्ष बीस सूत्रीय कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन समिति ने कहा कि आज बहुत ही पुनीत पावन दिवस है । पाँच शताब्दीयो से भी ज्यादा समय से हिंदू समाज राम जन्मभूमि के लिए संघर्ष कर रहा था आज अयोध्या में हमारे रामभक्त ,यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी के कर कमलों से श्रीराम लला के भव्य मंदिर का भूमि पूजन किया गया। यह भारतवर्ष में नए युग की शुरुआत है हमारी पीढ़ी के सब लोगों ने भी इसके संघर्ष में योगदान किया है और आज अपनी आंखों से इसके सफलता के प्रथम चरण को पूर्ण होते हुए हम सब देख रहे हैं। मन अत्यधिक आनंदित है। हम कहा करते थे राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे आज भव्य मंदिर का निर्माण प्रारंभ हो जाएगा। पूरे विश्व के अंदर भारत प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में विरासत को लेकर गर्व से विश्व पटल पर संसार को “सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया “का संदेश देते हुए वसुधैव कुटुंबकम भावना का विस्तार होगा । आदर्श जीवन पद्धति सब का आकर्षण होगा ।
उन्होंने राम मंदिर आन्दोलन मे किए गए कार्य को याद करते हुए बताया कि राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ की और से 1989 शिला पूजन के कार्य क्रम में देहरादून संयोजक रहे ,पूरे देहरादून मे और गाँव गाँव में शिला स्वागत कार्यक्रम हुआ व देहरादून परेड मैदान मे बडा कार्यक्रम हुआ।
उन्होने बताया कि आंदोलन के दौरान विश्व हिंदू परिषद के द्वारा कार्यक्रम दिया गया की विजयदशमी पर भगवान राम के चित्र को लेकर के नगर परिक्रमा की जाएगी मुझे याद है उस समय देहरादून के डीएम थे श्री प्रताप सिंह और प्रातकाल जब भगवान राम के चित्र को लेकर के भव्य यात्रा निकालनी थी पंचायती मंदिर के पास से तो डीएम प्रताप सिंह ने उस यात्रा न निकले उसके लिए अवरोध खड़े किए, सड़क पर हमारे ट्रैक्टर जिसके ऊपर भगवान राम के चित्र सजाया गया था उसके आगे बसें खड़ी कर दी गई डीएम साहब अडे थे कि किसी भी प्रकार से भगवान राम की यात्रा नहीं निकलने दी जाएगी ।1 घंटे तक वहां पर प्रशासन और कार्यकर्ताओं के बीच में खूब झड़प हुई लेकिन वैकल्पिक योजना पहले से तैयार थी एक टोली जंगम शिवालय से भगवान राम की यात्रा को लेकर आगे बढ़ी और जो पंचायती मंदिर पर थे मुझे याद है कि रविदेव आनंद जी ने मुझे ट्रैक्टर पर जाकर संबोधित करने के लिए कहा मैंने अपना संबोधन करते-करते वहीं पर वैकल्पिक योजना के रूप में आहवान किया कि उस समय के भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेता श्री देवेंद्र शास्त्री जी अपने कंधे पर लेकर के भगवान राम के चित्र को पैदल चलेंगे और इस आहवान पर प्रशासन हक्का-बक्का रह गया और सारे प्रशासन के प्रयास के बाद भी वह श्री राम विजय यात्रा मे कंधे पर चित्र लेकर के श्री शास्त्री जी चले हम सब उनके पीछे-पीछे जय श्री राम का नारा लगाते हुए चले। प्रशासन हक्का-बक्का रह गया प्रशासन की सारी व्यवस्थाएं चरमरा गई लगभग 5000 लोगों का समूह उस श्री राम विजय यात्रा के पीछे-पीछे चला और पैदल पूरे नगर की परिक्रमा हुई और श्री पृथ्वीनाथ मंदिर सहारनपुर चौक पर आकर के उस यात्रा का समापन हुआ ।आज भी मन मस्तिष्क पर वह दृश्य अंकित हैं कि किस प्रकार का उत्साह नेतृत्व और सर्व समाज के अंदर था।
नरेश बंसल जी ने कहा आंदोलन के दौरान जब बजरंग दल, विहप, संघ पर प्रतिबंध के बाद तत्कालीन सरकारों की ओर से कार्यकर्ताओं की धरपकड़ बहुत तेजी से हो रही थी।आंदोलन से संघ के कार्यकर्ताओं की एक टोली वह भी जुड़ी थी जो प्रतिदिन भूमिगत रहकर के उस सारे आंदोलन के संचालन में सहयोग कर रही थी जिसमें मैंने भी सहभागिता की,बैंक में नौकरी होने के कारण लगभग 2 महीने भूमिगत रहते हुए,अवकाश लेकर। बार-बार ऐसे अवसर आए जब गिरफ्तारी होते होते बची। प्रतिदिन हम अपना रहने का स्थान बदलते थे घर पर सोते नहीं थे मुझे याद है कि दीपावली पूजन भी हम नहीं कर पाए केवल 15 मिनट का समय बीच में निकाल कर घर पर आए और दीपावली पूजन के घर से बाहर रहे। वह माहौल रोमांच पूर्ण था आज भी जब उसको स्मरण करते हैं मन में रोमांच होता है और हमारी जो पूरी टीम संघ के कार्यकर्ताओं की थी इस प्रकार की एक निश्चित रहता था कि कौन कारसेवक के रूप में जेल जाएंगे और किन को भूमि
गत रहकर के आंदोलन में अपना योगदान देना है सहयोग करना है तो हम उस टोली में थे जिस को जेल तो नहीं जाना था लेकिन मानसिक रूप से इतनी तैयारी रखनी थी कि भूमिगत रहते हुए आंदोलन को गति देने में यदि जेल जाना पड़ जाए तो भी चले जाएंगे लेकिन भरसक प्रयास करना था कि भूमिगत रहते हुए आंदोलन मे सहभागिता की। डॉक्टर मदन जी,डॉक्टर नित्यानंद जी, श्री जितेंद्र गोयल जी, श्री दया चंद जैन जी श्री मुंशीराम जी,श्री विजय जुनेजा जी आदि के मार्गदर्शन में और हम सब का उत्साहवर्धन करने और मार्गदर्शन करने का काम किया। टोली के सभी साथी श्री रविदेव आनन्द जी,श्री नीरज जी, डॉ विनोद मित्तल जी श्री नंदकिशोर जी ,हरीश कंबोज जी, विजय स्नेही जी ,के एल दत्ता जी आदि लंबी लिस्ट कार्यकर्ताओं की है। सभी को भगवान राम अपना आशीर्वाद दें और सब इसी प्रकार से अपने सामाजिक दायित्वों का वहन करते रहें स्वस्थ रहें प्रसन्न रहें । नरेश बंसल जी ने अपने को सौभाग्य शाली बताया कि स्वर्गीय अशोक सिंहल जी, लाल कृष्ण आडवाणी जी,स्वर्गीय आचार्य गिरीराज किशोर जी,पूज्य सत्यमित्ररानंद जी,कल्याण सिंह जी, चंपतराय जी,पंकज जी,दीदी उमा भारती जी ,साध्वी ॠतभरा जी,दिनेश जी आदी पुरोधाओं से लेकर प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी तक सभी के साथ किसी न किसी रूप में काम करने का अवसर मिला ।
बंसल जी ने कहा कि यह एक नए युग का सूत्रपात है भगवान राम राज्य की हमने कल्पना की है। राम राज्य में शासन ऐसा जिसमें सभी सुखी हों कोई दुखी ना हो।समता में,ममता में समाज की रचना हो और प्रत्येक व्यक्ति मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सत्य निष्ठ, कर्तव्यनिष्ठ और धर्म ने अवधारणा को साकार करेगा।
उपाध्यक्ष जी ने कहा कि यह एक संस्कार है सभी उसमें बनना चाहेंगे और भगवान राम के अनुरूप राम राज्य की स्थापना के लिए ऐसा नेतृत्व हमारे सामने है जो सबको साथ लेकर प्रवासियों सभी समाज के सभी वंचित शोषित वर्गों को आदर देना भगवान राम के स्वभाव में जैसा था वर्तमान नेतृत्व भी उसके अनुकूल आत्मविश्वास पैदा करके सहयोग से अपनी शक्ति बनाते हुए ऐसा नेतृत्व प्रदान करेगा, शौर्य भी ऐसा होगा, हमने भी देखा भी है कि हमारी सीमाएं सुरक्षित होंगी, हमारी और कोई आंख उठा कर नहीं देख पाएगा क्योंकि हमारे वीर सैनिक मातृभूमि के प्रति कर्तव्यनिष्ठ होते हुए बलिदान की भावना से प्रेरित है और लोकतंत्र की स्थापना भूमि पूजन से देश के अंदर मर्यादा पुरुषोत्तम राम का शासन नेतृत्व और लोकतंत्र की रक्षा करने में सफल होगा।
मंत्री जी ने कहा कि वह आंदोलन में सदियों के अंदर जो शहीद हुए राम भक्त उनके प्रति विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और भगवान से प्रार्थना करता हूं कि श्री राम सबका मंगल करें सब को सद्बुद्धि देने का आशीर्वचन दें।