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यूकेएसएसएससी पेपर लीक केस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिया बड़ा बयान

देहरादून, न्यूज़ आई : यूकेएसएसएससी परीक्षा के दौरान एग्जाम सेंटर से प्रश्न पत्र के तीन पेज बाहर भले ही आ गए हों, लेकिन सरकार इसे पेपर लीक नहीं मान रही हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि नकल या पेपर लीक तब माना जाता है यदि वो पेपर 9 बजे या दस बजे बाहर आ गया होता. 10.30 या 10.45 बजे भी आ गया होता, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.

दरअसल, गुरुवार को मुख्यमंत्री धामी देहरादून में पंडित दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में मौजूद थे. यहां सीएम ने बोर्ड एग्जाम में टॉप 10 स्थान प्राप्त करने वाले 10वीं और 12वीं के 75 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया. इसके साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 53 स्कूलों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया.

इस दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेपर लीक के मुद्दे पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि अगर किसी को पेपर के कुछ प्रश्न पत्र मिल गए थे, तो उसकी जिम्मेदारी बनती थी कि वो उचित स्थान पर पुलिस और प्रशासन को सूचना देता, लेकिन ऐसा करने के बजाए इस मामले में कई घंटे तक छुपाए रखा गया. इसके पीछे क्या एजेंडा था? और बाद में एक एजेंडे के साथ इस मामले में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलाकर पूरे सिस्टम को बदनाम करने का प्रयास किया गया.

मैं इसको पेपर लीक नहीं कहूंगा. इसे आप नकल का प्रकरण कह सकते हो और नकल के प्रकरण के लिए हमने कानून बनाया है. ऐसा नहीं है कि कानून बनने के बाद अपराधी नहीं होंगे, लेकिन कानून से अपराधियों को सजा मिलेगी. इस मामले पर भी सख्ती से कार्रवाई होगी.
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड –