Breaking News
  • परिवहन निगम के बेड़े में शामिल हुई 59 नई बसें, पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में सुगम होगी परिवहन सेवाएं
  • सीएम ने समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं के 9.99 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में धनराशि ट्रांसफर की.
  • मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार समाज के कमजोर, एवं जरूरतमंद वर्गों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही
  • त्योहारी सीजन में वन क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन सतर्क
  • राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते में वृद्धि का फैसला लिया है, इससे कर्मचारियों को मिलने वाला डीए अब पहले से अधिक होगा।

चिकित्सा शिक्षा विभाग को मिले 142 असिस्टेंट प्रोफेसर, सीएम ने सौंपे नियुक्ति पत्र

देहरादून, न्यूज़ आई : चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के जरिए 142 असिस्टेंट प्रोफेसर्स का चयन किया गया है. इनको प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में तैनाती दी गई है. ऐसे में चयनित 142 असिस्टेंट प्रोफेसर्स को नियुक्ति दिए जाने को लेकर मंगलवार को मुख्य सेवा सदन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 142 नव नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर्स को नियुक्ति पत्र वितरण किया. वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये अवसर चिकित्सा के क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी. सीएम ने सभी असिस्टेंट प्रोफेसर्स से आग्रह करते हुए कहा कि सभी अपने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ उनके भीतर संवेदनशीलता, सहानुभूति और सेवा की भावना भी विकसित करें, जिससे वे कुशल और दक्ष चिकित्सक बनने के साथ समाज के प्रति अपने कर्तव्यों और मानवता के प्रति अपने उत्तरदायित्व को भी पूरी ईमानदारी से निभाएं. राज्य सरकार, प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और बेहतरी की दिशा में लगातार काम रही है. राज्य के हर नागरिक को बेहतर और सस्ती चिकित्सकीय सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं.

सीएम ने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत अभी तक करीब 61 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए हैं. जिसके जरिए प्रदेश के 17 लाख से अधिक मरीजों ने लाभ उठाया है. ऐसे में इन सभी मरीजों का 3,300 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार किया गया है. सीएम ने कहा राज्य सरकार हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज बना कर रही है. जिससे सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों को उनके जिले में ही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी. इनमें से पांच मेडिकल कॉलेज पहले से ही संचालित किए जा चुके हैं, जबकि दो और मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य चल रहा है. देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी विभाग भी स्थापित किए गए हैं.