Breaking News
  • मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने “अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद“ के अध्यक्ष श्री महंत नरेन्द्र गिरी के निधन पर शोक व्यक्त किया
  • मुख्यमंत्री ने राजपुर रोड स्थित होटल में आयोजित सम्मान समारोह में कोरोना योद्धाओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया
  • मुख्यमंत्री ने किया मसूरी विधानसभा क्षेत्र की 70 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास
  • मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में जन आशीर्वाद रैली में प्रतिभाग किया, इस अवसर पर उन्होंने 12 घोषणा की
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व मे भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना भी साकार हो रहा है: सीएम धामी

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय में किया गया प्रकोष्ठ का गठन

देहरादून, न्यूज़ आई: मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की गतिविधियों के बेहतर क्रियान्वयन के उपायों को सुझाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कार्यालय में एक प्रकोष्ठ गठन किया गया है। इस प्रकोष्ठ में अध्यक्ष के रूप में पलायन आयोग, उत्तराखण्ड के उपाध्यक्ष श्री एस.एस.नेगी, सदस्य के रूप में आर्क संस्था से श्री महेन्द्र सिंह कुँवर एवं मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार श्री आलोक भट्ट शामिल हैं।
ज्ञातव्य हो कि प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने एवं उत्तराखण्ड लौटे प्रवासियों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना की तर्ज पर मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू की गई है। इसमें निर्माण और सेवा क्षेत्र में अपना काम करने के लिए ऋण व अनुदान की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवाओं और प्रदेश में लौटे प्रवासियों के लिए एमएसएमई के तहत बनाई गई है। योजना में विनिर्माण में 25 लाख और सेवा क्षेत्र में 10 लाख तक की लागत की परियोजना पर स्वरोजगार के लिए ऋण ले सकेंगे। इसमें 25 प्रतिशत तक अनुदान की व्यवस्था है। मार्जिन मनी अनुदान के रूप में समायोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत इससे सम्बन्धित लगभग सभी विभागों की योजनाओं को शामिल किया गया है। राज्य स्तर पर सभी विभागों के समन्वय के लिए यह प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है। अन्य विभागों में संचालित स्वरोजगार योजनाओं को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत लाते हुए उद्यान, कृषि, माइक्रो फूड प्रोसेसिंग, पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, पोल्ट्री, जैविक कृषि आदि पर विशेष महत्व दिया जा रहा है। योजना में 150 से अधिक कार्य शामिल किए गए हैं।
प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री एस.एस. नेगी ने बताया कि उत्तराखण्ड के पर्वतीय जनपदों में स्वरोजगार को आगे बढ़ाने के लिये प्रयास किये जायेंगे, ताकि युवा स्वरोजगार अपनाने के साथ ही अन्य के लिये भी रोजगार देने वाले बन सकें। विभिन्न विभागों के स्तर पर स्वरोजगार के जो कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं, उनसे भी समन्वय किया जायेगा ताकि अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार का लाभ मिल सके।