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राम मंदिर का निर्माण देखकर ही अंतिम सांस लूं, यही मेरी आखिरी इच्छा: कल्याण सिंह

लखनऊ । राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का एक लंबी बीमारी के बाद 89 साल की उम्र में लखनऊ में निधन हो गया है। कल्याण सिंह ने राम मंदिर निर्माण के लिए एक लाख एक रुपए का दान किया था। इस मौके पर कल्याण सिंह ने अपनी अंतिम इच्छा भी व्यक्त की थी । उन्होंने कहा था कि राम मंदिर का निर्माण देखकर ही अंतिम सांस लूं, यही मेरी आखिरी इच्छा है।
जब भी राम मंदिर आंदोलन की बात होती थी तो पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के चेहरे पर अलग तरह का गौरव का भाव आ जाता था और गर्व से बताते थे कि बाबरी विध्वंस मामले में मैंने सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली थी और एक भी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं होने दिया था, फिर भी उनके चेहरे पर एक कसक सी छा जाती थी और अफसोस व्यक्त करते थे, राम मंदिर के भूमि पूजन में नहीं शामिल होने का।
भूमि पूजन के मौके पर उन्होंने खुश होकर बताया था कि चंपत राय का फोन आया था भूमि पूजन में जाना है, लेकिन कुछ कारणों से उन्हें न्यौता नहीं आया था जिसकी कसक उनको हमेशा बनी रही। हालांकि जब समर्पण निधि की योजना बनी तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी खुद उनके घर पहुंचे और उनसे दान लिया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष के उत्तराधिकारी कमल नयन दास समेत अन्य पदाधिकारी उनके घर चंदा लेने गए थे। राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कल्याण सिंह ने राम मंदिर निर्माण के लिए एक लाख एक रुपए का दान किया था। उन्हें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से रसीद भी दी गई थी ।
उस दिन कल्याण सिंह ने कहा था कि ये जग जानता है कि मैं राम के प्रति श्रद्धा रखता हूं। जब मुख्यमंत्री था तब भी श्रद्धा थी और आज जब सीएम नही हूं, तब भी उतनी ही श्रद्धा है। ये राष्ट्र मंदिर का निर्माण है। 6 दिसंबर को कुछ घटना हो गई। मैं समझता हूं कि अगर वह ढांचा बना रहता तो कोई भी अदालत वहां मंदिर निर्माण का आदेश नहीं देती। उन्होंने कहा मैंने पहले कहा था कि मेरे जीवन काल में ही राम का भव्य मंदिर बन जाए और अब उम्मीद है कि मेरे जीवनकाल में भव्य राम मंदिर बन जाएगा।