Breaking News
  • मातृशक्ति की गरिमा और सुविधा के अनुरूप प्रदेश में बनेंगे हाईटेक टॉयलेट
  • मातृशक्ति की गरिमा, सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर बनेंगे आधुनिक हाईटेक टॉयलेट
  • महिला स्वरोजगार योजना में रियायती बैंक ऋण की सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹2.50 लाख करने की मुख्यमंत्री ने की घोषणा
  • प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत देहरादून में 10 पिंक ई-बसें महिलाओं को समर्पित होंगी, चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में मिलेगी सुविधा
  • महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल: सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग वितरण कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

देहरादून, न्यूज़ आई : मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग वितरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। महावीर सेवा सदन एवं परमार्थ निकेतन द्वारा संयुक्त रूप से कृत्रिम अंग वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराये गये।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस परमार्थ के कार्य में लगे महावीर सेवा सदन एवं परमार्थ निकेतन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस सेवा भाव से इनके द्वारा दिव्यांगों के कल्याण के लिए कार्य किये जा रहे हैं, यह सराहनीय प्रयास है। जब हम दूसरों की मदद करते हैं तो उसका अलग आत्मीय सुख होता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों से भेंट की एवं उनका उत्साहवर्द्धन किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दिव्यांगता मुक्त उत्तराखण्ड के लिए सबको मिलकर प्रयास करने होंगे। दिव्यांगों के कल्याण के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। अनेक सामाजिक संस्थाएं भी इनके कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। उत्तराखण्ड को दिव्यांगता मुक्त बनाने के लिए सभी को संकल्प लेना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नये भारत का नारा जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान एवं जय अनुसंधान है। देवभूमि उत्तराखण्ड से हमें ‘जय दिव्यांग’ के नारे को आगे बढ़ाकर दिव्यांगता मुक्त उत्तराखण्ड की शुरूआत करनी है। उन्होंने कहा कि 2024 तक उत्तराखण्ड को क्षय रोग मुक्त एवं 2025 तक ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती, महावीर सेवा सदन से श्री देवेन्द्र राज मेहता एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।