Breaking News
  • देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड, न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस की बाइक रैली, सामाजिक संगठनों का भी प्रदर्शन
  • लड़कियों के लिए बड़ी खुशखबरी! पुलिस में बढ़ेगी महिला कॉस्टेबल की संख्या, सीएम धामी ने दी मंजूरी
  • श्रीनगर में बीजेपी को बड़ा झटका, ओबीसी जिला उपाध्यक्ष कांग्रेस में शामिल, समर्थकों ने भी थामा दामन
  • बदरीनाथ धाम में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में नई पहल
  • उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कुनबा बढ़ा रही कांग्रेस, आज राजनीतिक, सैन्य एवं प्रशासनिक सेवा से जुड़े कई लोग कांग्रेस में हुए शामिल

साइबर हमले के बाद उत्तराखंड में सरकारी सिस्टम पर नहीं चलेगा सोशल मीडिया

देहरादून, न्यूज़ आई : साइबर हमले के बाद राज्य में सचिवालय समेत सभी सरकारी दफ्तरों में कंप्यूटर पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं हो सकेगा। इस पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। जो कार्यालय अभी तक सुरक्षित स्वान नेटवर्क से नहीं जुड़े हैं, उन्हें तेजी से जोड़ा जा रहा है। 58 सुचारू हो चुके हैं। बाकी पर काम चल रहा है। सभी विभागों को सिक्योरिटी ऑडिट का सर्टिफिकेट मुहैया कराने को कहा गया है। बिना सिक्योरिटी ऑडिट किए कोई भी नई या पुरानी वेबसाइट संचालित नहीं होगी। करीब 1,400 मशीनों में से विंडो 2012 पर चल रहीं 200 मशीनों को हटा दिया गया है। अब विशेषज्ञों की टीम आईटीडीए के पूरे सिस्टम का विश्लेषण करके खामियों की रिपोर्ट देगी।

अभी सप्ताहभर धीमे चलेंगे कंप्यूटर

आईटीडीए अब फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। कोई भी नई वेबसाइट अब बिना सिक्योरिटी ऑडिट नहीं चलेगी। जो पुरानी वेबसाइट हैं, वह भी सिक्योरिटी ऑडिट होने के बाद ही शुरू की जाएंगी। सचिव आईटी नितेश झा के मुताबिक, पूरे ट्रैफिक की निगरानी हो रही है। लगातार स्कैनिंग की जा रही है। सप्ताहभर अब सिस्टम थोड़ा स्लो चल सकता है।

सचिवालय में बनेगा डाटा सेंटर

सचिवालय में जल्द डाटा सेंटर बनेगा। इसके लिए स्थान चिह्नित है। सचिव आईटी ने यहां जल्द पूरा सेटअप लगाने के निर्देश दिए हैं। ताकि स्टेट डाटा सेंटर का बैकअप यहां भी रखा जा सके।

निक्सी की टीम भी पहुंची

केंद्र सरकार की नेशनल इंफोर्मेटिक सेंटर सर्विस (निक्सी) की टीम भी पहुंच चुकी है। यह पूरे स्टेट डाटा सेंटर और सभी वेबसाइटों की सिक्योरिटी ऑडिट करेगी। इसके अलावा नेशनल ई-गवर्नेंस विभाग (एनईजीडी), एनआईसी, इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सर्ट इन), आईटीडीए, एसटीएफ, एनआईए मिलकर काम कर रहे हैं। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) की टीम अपना काम कर लौट चुकी है।