Breaking News
  • मुख्यमंत्री ने 10,709 निर्माण श्रमिक लाभार्थियों के खातों में 18.49 करोड़ रूपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से की हस्तांतरित
  • स्वास्थ्य जांच में बीमारी सामने आने वाले श्रमिकों के उपचार की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए – मुख्यमंत्री
  • त्योहारी सीजन में विभागीय योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक जनसुविधा और जनसेवा के कार्य किए जाएं- मुख्यमंत्री
  • युवाओं और महिलाओं ने अपनाया होम स्टे व्यवसाय
  • दीनदयाल उपाध्याय होम स्टे विकास योजना के तहत 537 लाभार्थियों को 79.28 करोड़ की सब्सिडी

उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के उपलक्ष्य में वार्ड 75 ब्राह्मणवाला में किया गया वृक्षारोपण

देहरादून, न्यूज़ आई : हरेला के अवसर पर प्रदेश भर के अलग-अलग स्थानों पर पौधरोपण किया गया। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के उपलक्ष्य में वार्ड 75 ब्राह्मणवाला में वृक्षारोपण किया गया। जिसमें महानगर कांग्रेस अनु.जा.वि. के कार्यकारी महानगर अध्यक्ष लक्की राणा जी ने कहा कि वृक्ष हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है और स्वच्छ पर्यावरण और पृथ्वी पर पर्यावरण संतुलन हेतु आवश्यक है हमे केवल वृक्षों को लगाना ही नही है बल्कि लगाने के साथ-साथ उनकी रक्षा भी करनी होगी। पर्यावरण को बचाने के लिए हर नागरिक को एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए ताकि पृथ्वी पर प्राकृतिक संतुलन बना रहे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में हरेला पर्व के रूप में वृक्षा रोपण को मनाने की परम्परा सदियों पुरानी रही है तथा कांग्रेस पार्टी की हरीश रावत के नेतृत्व वाली सरकार ने इस पर्व को एक आन्दोलन के रूप में लेते हुए सघन वृक्षारोपण का अभियान चलाया था। आज विश्व पर्यावरण की रक्षा में देवभूमि उत्तराखण्ड के महत्व को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिया जाता रहा है। लक्की राणा जी ने कहा कि सिर्फ एक कार्यक्रम तक ही सीमित न रहें। इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। पौधा रौपकर उसके संरक्षण का भी संकल्प लें। कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना जरूरी है। जल संचयन वाले अधिकाधिक पौधे लगाएं।

वृक्षारोपण करने वालों में महानगर उपाध्यक्ष अभिषेक तिवारी जी, महानगर महामंत्री विजय प्रसाद भट्टराई जी, वार्ड अध्यक्ष प्रेम सिंह जी, महानगर सचिव शहजाद अंसारी जी ,रवि हसन अंसारी जी ,फारुक राव जी ,पार्षद मुकीम अहमद भूरा जी, इस्लाम जी ,ब्रहम सिंह पवार जी आदि लोग मौजूद रहे। हरेला पर्व के उपलक्ष्य में प्रदेश में सामाजिक संगठनों, संस्थाओं एवं विभागों के माध्यम से व्यापक स्तर से वृक्षारोपण किया गया ।