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सीएम धामी से भेंट कर कुसुम कंडवाल ने निर्दोष नागरिकों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का किया निवेदन

देहरादून/ऋषिकेश : ऋषिकेश के बापुग्राम, गुमानीवाला, सुमन विहार व प्रकरण सम्बंधित क्षेत्र में वन भूमि से संबंधित सर्वे एवं अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों को लेकर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने आज सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर इस संबंध में एक पत्र सौंपा और निवेदन किया कि इस प्रकरण में जिन निर्दोष नागरिकों को आरोपी बनाकर उनके विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें जनहित में वापस लिया जाए।

जब वन भूमि के सर्वे एवं अतिक्रमण हटाने के उद्देश्य से पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची थी। मौके पर परिस्थितियों की गंभीरता के कारण क्षेत्र में असमंजस और भ्रम का वातावरण बन गया, जिससे बड़ी संख्या में नागरिक वहां एकत्र हो गए।

घटना के उपरांत बड़ी संख्या में नागरिकों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। महिला आयोग ने पत्र में उल्लेख किया है कि यह संपूर्ण घटनाक्रम किसी भी प्रकार के सुनियोजित विरोध या शासन-प्रशासन के प्रति अवमानना का परिणाम नहीं था, बल्कि परिस्थितिजन्य असमंजस एवं भय के वातावरण में उत्पन्न हुआ था।

आयोग का कहना है कि अनेक निर्दोष नागरिक भी इन मुकदमों की जद में आ गए हैं, जिनमें से कई अपने परिवार के एकमात्र भरण-पोषणकर्ता हैं।

महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से अपेक्षा जताई है कि सरकार इस पूरे प्रकरण को मानवीय एवं संवेदनशील दृष्टिकोण से देखते हुए निर्दोष नागरिकों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने के निर्देश प्रदान करे, जिससे प्रभावित परिवारों को मानसिक संबल मिले और शासन के प्रति जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो।