Breaking News
  • खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा- विनय शंकर पांडेय
  • नकली पनीर और गैर-दुग्ध उत्पादों पर धामी सरकार का शिकंजा, ऋषिकेश से टिहरी तक होटलों में छापेमारी
  • योजनाओं के नियमित मूल्यांकन और लक्ष्यों की वार्षिक मॉनिटरिंग पर दिया जाए विशेष ध्यान
  • राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शोध के निष्कर्षों का नीतियों एवं योजनाओं में हो प्रभावी उपयोग
  • चम्पावत जनपद में पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को बेहतर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई

चुनाव बहिष्कार की खबरों के बाद सीएम धामी ने शासन से मांगी चुनाव बहिष्कार करने वाले गांवों की रिपोर्ट

देहरादून, न्यूज़ आई : उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं दोनों ही रीजन में चुनाव बहिष्कार की खबरों के बाद राज्य सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मतदान समाप्त होने के बाद रविवार को शासन से रिपोर्ट मांगी है कि आखिरकार कौन-कौन से गांव और किन-किन समस्याओं की वजह से मतदान बहिष्कार में शामिल हुए. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने प्रमुख सचिव आर के सुधांशु से तमाम गांव की नाराजगी की रिपोर्ट मंगा कर उसे पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

उत्तराखंड में लगभग 35 गांव ने चुनाव बहिष्कार सिर्फ इसलिए किया क्योंकि उनके गांव तक सड़क नहीं पहुंची है. कई गांव वालों ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी मतदान नहीं किया है. ऐसा नहीं है कि यह कोई पहला मामला है, विधानसभा चुनाव में भी इन 35 गांव में से कई गांवों ने चुनाव बहिष्कार किया था. 2 साल बीतने के बाद भी आखिरकार प्रशासन ने क्या कुछ किया है इसकी रिपोर्ट भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मांगी है.

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब शासन 13 जिलों के जिलाधिकारी से उन गांव के बारे में पूरी जानकारी मांगी है जहां पर चुनाव बहिष्कार हुआ है. मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव आर के सुधांशु की मानें तो चुनाव बहिष्कार की घटना बेहद गंभीर है. आगे से ऐसा ना हो इसके लिए हम जल्द से जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. जिन गांवों तक सड़क नहीं पहुंची हैं, जिन गांवों में सड़क स्वीकृत हो गई है तब भी काम शुरू नहीं हो पाया है उनके बारे में भी हमने तत्काल प्रभाव से काम शुरू करने और लंबित मामलों को निपटाने के बारे में बातचीत की है. जल्द ही लोगों की समस्याओं का समाधान शुरू हो जाएगा.