Breaking News
  • ढोल-नगाड़ों की धुन पर कार्यकर्ता नाचते-झूमते नजर आए और पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल बना रहा
  • पश्चिम बंगाल में प्रचंड जीत के बाद उत्तराखंड बीजेपी में भी जश्न का माहौल
  • तीन राज्यों में भाजपा की जीत का उत्तराखंड में जश्न, भाजपा कार्यालय पहुंचे सीएम, खाई झालमुड़ी
  • नगर पंचायत केदारनाथ ने धाम को प्लास्टिक वेस्ट से मुक्त रखने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की
  • स्वच्छता ही सेवा- केदारनाथ में एक सप्ताह में जमा किया एक हजार किलो प्लास्टिक वेस्ट

सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क व संचार सुविधाओं के विस्तार किया जाना जरूरी: मुख्यमंत्री

देहरादून, न्यूज़ आई : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में कहा कि उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क व संचार सुविधाओं के विस्तार होना जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से इसके लिए और अधिक सहयोग का अनुरोध किया। मंगलवार को वाराणसी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई 25वीं बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में उच्चस्तरीय ग्लेशियर अध्ययन, जैव विविधा संरक्षण और साहसिक खेलों के प्रशिक्षण के लिए तीन नए संस्थान स्थापित करने में भी सहयोग मांगा। उन्होंने राज्य के लिए कतिपय नीतिगत प्रावधानों में शिथिलता का भी अनुरोध किया। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं मंत्री उपस्थित थे। सीएम धामी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगा उत्तराखंड राज्य सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके दृष्टिगत राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, संचार, सुरक्षा एवं रसद आपूर्ति की समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने केन्द्रीय गृह मंत्री से आग्रह किया कि सीमा सड़क संगठन के माध्यम से उत्तराखंड को और अधिक सहायता प्रदान की जाए। वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के सीमावर्ती गांवों में सुविधाओं का विकास किया जाए जिससे वहां हो रहे पलायन को रोकने में सहायता मिल सके। उन्होंने सीमांत क्षेत्रों में संचार सुविधाओं के विकास के लिए भारत नेट योजना, 4-जी विस्तार परियोजना तथा उपग्रह आधारित संचार सेवाएं प्रारंभ करने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के केंद्रीय अनुदान का आवंटन एकमुश्त करने, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के कुशल संचालन के लिए अतिरिक्त सहयोग प्रदान करने, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के अध्ययन के लिए राज्य में एक उच्चस्तरीय ग्लेशियर अध्ययन केंद्र की स्थापना करने और जैव विविधता संरक्षण संस्था की स्थापना के लिए भी केंद्र से तकनीकी सहयोग की मांग की। सीएम ने राज्य में वर्ष 2026 में नंदा राजजात यात्रा और 2027 में अर्द्ध कुंभ मेले के सफल एवं भव्य आयोजन के लिए भी केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया।

सीएम ने कहा कि लगभग 80 प्रतिशत पर्वतीय भू-भाग वाले उत्तराखंड राज्य का 71 प्रतिशत क्षेत्र वनों से आच्छादित है। राज्य की जटिल भौगोलिक परिस्थिति तथा विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के कारण यहां की आर्थिक गतिविधियां सीमित हैं। इन प्रतिकूल परिस्थितियों एवं सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य की अर्थव्यवस्था में लगभग डेढ़ गुना की वृद्धि हुई है।