Breaking News
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एनडीआरएफ बटालियन गदरपुर का किया भ्रमण, जवानों से संवाद कर आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की ली जानकारी
  • डबल इंजन की सरकार में संचालित योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है: मुख्यमंत्री
  • राज्यपाल ने किया ‘आरोही’ इनक्यूबेटर और AI न्यूज़लेटर का उद्घाटन, कहा-यह एक बदलाव लाने वाला प्रोग्राम
  • 19 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजने को लेकर उत्तराखंड में घमासान, आरोप- प्रत्यारोप का दौर शुरू
  • रुद्रप्रयाग के 1000 पुस्तक दान अभियान को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सहयोग

UKSSSC पेपर लीक मामला, हाकम सिंह पर ईडी का बड़ा एक्शन, अटैच की प्रॉपर्टी

देहरादून, न्यूज़ आई : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. प्रवर्तन निदेशालय ने मास्टरमाइंड हाकम सिंह रावत की करीब 63.30 लाख रुपए की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है. यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है. ईडी का दावा है कि ये संपत्तियां पेपर लीक से अर्जित अवैध धन से खरीदी गई थीं.

पेपर लीक से कमाए धन से खरीदी गईं संपत्तियां: ईडी के मुताबिक जांच में सामने आया कि हाकम सिंह रावत ने आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों, परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों और अन्य बिचौलियों के साथ मिलकर संगठित तरीके से पेपर लीक सिंडिकेट संचालित किया. आरोप है कि लीक प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों तक मोटी रकम लेकर पहुंचाए गए. इसी अवैध कमाई का इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने में किया गया.

95 लाख रुपये की अवैध कमाई का दावा: वित्तीय जांच में ईडी को पता चला कि हाकम सिंह रावत ने इस पूरे नेटवर्क के जरिए करीब 95 लाख रुपये की अवैध कमाई की. बैंक खातों की जांच में बड़ी मात्रा में नकद जमा होने के साक्ष्य मिले. एजेंसी के अनुसार इन पैसों को वैध दिखाने के लिए आयकर रिटर्न में कृषि आय दर्शाई गई. जांच में कृषि गतिविधि का दावा फर्जी पाया गया.

14 ठिकानों पर छापेमारी: ईडी ने जांच के दौरान 14 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया. छापेमारी के दौरान डिजिटल उपकरण, बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई. एजेंसी का कहना है कि जांच में हाकम सिंह के अलावा अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आई है.

2016 और 2021 की भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा मामला: जांच एजेंसी के अनुसार यह भर्ती घोटाला साल 2016 और 2021 की भर्ती परीक्षाओं में हुई व्यापक अनियमितताओं से जुड़ा है. जांच में ओएमआर शीट में छेड़छाड़, गोपनीय प्रश्नपत्र लीक करने और अभ्यर्थियों को अवैध लाभ पहुंचाने की साजिश का खुलासा हुआ है. ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी भी जारी है.

Leave a Reply