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  • मुख्यमंत्री ने कहा कि, उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में पुलिस की जिम्मेदारी और अधिक चुनौतीपूर्ण
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  • पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर देहरादून स्थित पुलिस लाइन में किया गया कार्यक्रम का आयोजन
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मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस स्मृति दिवस पर सभी पुलिस कर्मियों के अदम्य साहस और बलिदान को किया नमन

देहरादून, न्यूज़ आई: पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर देहरादून स्थित पुलिस लाइन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. साथ ही मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस जवानों के परिजनों को भी सम्मानित किया. इसके साथ ही कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस के जवानों के लिए प्रदेश में चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देते हुए तमाम महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की.

मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर उन सभी पुलिस कर्मियों के अदम्य साहस और बलिदान को नमन किया, जिन्होंने देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है. साथ ही कहा कि, आपका त्याग, साहस और धैर्य हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है. हम सभी की आंतरिक सुरक्षा, शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पुलिस और अर्धसैनिक बलों के कंधों पर होती है. हमारे वीर जवान हर परिस्थिति में पूरी निष्ठा, साहस और समर्पण के साथ इस सेवा को निभाते हैं. कई बार अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देना पड़ता है. पिछले एक साल में देश भर में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 154 जवानों ने कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्यौछावर किए हैं. जिसमें उत्तराखंड के तीन जवानों ने अपना बलिदान दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि, उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में पुलिस की जिम्मेदारी और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है. क्योंकि एक ओर प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, प्राकृतिक आपदाएं, तो दूसरी तरफ चीन और नेपाल से अंतरराष्ट्रीय सीमाएं जुड़ी हुई हैं. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से भी उत्तराखंड की सीमाएं लगी हुई हैं. ऐसे में शांति सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में उत्तराखंड पुलिस की भूमिका काफी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है. समय के साथ अपराधों की प्रवृति भी बदलती जा रही है. आज हमारी लड़ाई सड़कों पर हो रहे अपराध से नहीं, बल्कि नशे के बढ़ते जाल और डिजिटल दुनिया में छिपे अपराधियों से है. विशेष रूप से नशा हमारे युवा पीढ़ी के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है.

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