कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में राज्यपाल से की मुलाकात
देहरादून, न्यूज़ आई : कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने आज प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में राज्य की कीमती जमीनों को बेचे जाने का आरोप लगाते हुए राज्यपाल से मुलाकात की. और इस दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने सरकारी जमीन बेचने के निर्णय को निरस्त कर संपत्तियों को उनके मूल विभागों को लौटाए जाने की मांग उठाई. अपनी मांगों को लेकर पार्टी के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात के दौरान राज्यपाल को एक ज्ञापन भी प्रेषित किया. राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 154 के अनुसार राज्य की कार्यपालिका शक्ति आप में निहित हैं. अनुच्छेद 166 के अनुसार राज्य सरकार की सभी करवाई आपके नाम से होती है, जिन शासनादेशों से उत्तराखंड की सरकारी जमीनों और धरोहर भवन निजी हाथों में सौंपे जा रहे हैं, वो भी राज्यपाल की स्वीकृति के नाम से जारी हुए हैं, इसलिए राज्य की इन संपत्तियों के संवैधानिक संरक्षक आप हैं.
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस ने अपनी कुछ प्रमुख मांगों को राज्यपाल के समक्ष रखा. जिसमें बताया गया है कि 20 दिसंबर 2022 के कैबिनेट निर्णय संबंधी शासनादेश में सभी विभागों की सरकारी जमीनों पर अंतिम निर्णय का अधिकार मुख्यमंत्री को दे दिया गया. राज्य कैबिनेट का यह निर्णय भारत के संविधान के अनुच्छेद 164(2) के सामूहिक उत्तरदायित्व और कार्य नियमावली के विपरीत है. कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बताया कैबिनेट के निर्णय के बाद उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से हजारों करोड़ रुपए बाजार भाव वाली जॉर्ज एवरेस्ट स्टेट मसूरी की 142 एकड़ भूमि और राष्ट्रीय धरोहर 15 साल के लिए लगभग एक करोड रुपए सालाना किराए पर एक निजी कंपनी को दे दी गई. कांग्रेस ने इसे कार्य नियमावली और उत्तराखंड में प्रचलित उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली के प्रावधानों का उल्लंघन बताया है. कांग्रेस ने ज्ञापन में बताया सरकारी जमीनों और संपत्तियों को यूआईआईडीबी को देने के सभी निर्णय मुख्यमंत्री ने अकेले लिए हैं. कांग्रेस ने पटवा डांगर, नगऊ, धनोल्टी मगरा आईडीपीएल ऋषिकेश, डाकपत्थर रामगढ़ एचएमटी रानी बाग आदि जमीनों का मुद्दा भी उठाया. कांग्रेस ने जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट की लीज को निरस्त किए जाने और पूरे मामले की उच्च न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराये जाने की मांग की.
