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राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर को होने जा रहा पूरा

देहरादून, न्यूज़ आई : उत्तराखंड में राज्यसभा की एक सीट के लिए चुनाव का बिगुल बज चुका है। भाजपा के लिए राज्यसभा सांसद चुनने की राह आसान है। यहां भाजपा चेहरा बदल भी सकती है लेकिन ये तो साफ माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव के नाते वैश्य समाज से ही कोई राज्यसभा पहुंचे। इसमें कई वरिष्ठ नेताओं के नाम भी चर्चाओं में हैं। राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा होने जा रहा है। वह संघ, भाजपा के वरिष्ठ नेता है। राष्ट्रीय व राज्य संगठन में अहम पदों पर रहे हैं। उनकी सीट खाली होने के साथ ही अब सवाल उठ रहा है कि भाजपा का नया चेहरा कौन होगा। इतिहास देखें तो भाजपा उत्तराखंड में हमेशा नए चेहरों और सामाजिक, क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए हर बार नए प्रत्याशी को ही मौका देती रही है। कोई चेहरा रिपीट नहीं किया गया। लिहाजा, सबकी नजरें इस बात पर हैं कि परंपरा टूटेगी या कायम रहेगी।उत्तराखंड की चुनावी राजनीति में वैश्य समाज शहरी प्रभाव के कारण निर्णायक है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि 25 सितंबर को कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई है। जो भी कार्यकर्ता राज्यसभा चुनाव के लिए अपनी दावेदारी करेंगे, उनमें से चुनकर तीन नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा।