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Uttarakhand Budget: सरकार ने “देवभूमि परिवार विधेयक- 2026” को सदन पटल पर रखा

देहरादून, न्यूज़ आई : कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से सहायता पहुंचाने के लिए सरकार ने मंगलवार को “देवभूमि परिवार विधेयक- 2026” को सदन पटल पर रखा। इस विधेयक के कानून बन जाने पर प्रदेश में एकीकृत और सत्यापित परिवार-आधारित डेटाबेस “देवभूमि परिवार” की स्थापना हो सकेगी। विधेयक का उद्देश्य विभिन्न विभागों में बिखरे लाभार्थी डेटा को एक मंच पर लाकर योजनाओं के संचालन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समन्वित बनाना है। देवभूमि परिवार आईडी में मुखिया के तौर पर परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य का नाम दर्ज होगा। वर्तमान में राज्य के अलग-अलग विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के लिए अलग लाभार्थी डेटाबेस का उपयोग करते हैं। इसके कारण कई बार लाभार्थी आंकड़ों का दोहराव, पुनः सत्यापन की जटिल प्रक्रियाएं और विभागों के बीच समन्वय की कमी जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इससे न केवल प्रशासनिक संसाधनों पर अतिरिक्त भार पड़ता है, बल्कि योजनाओं के आकलन और प्रभावी क्रियान्वयन में भी बाधाएं उत्पन्न होती हैं।

अब इस विधेयक के माध्यम से राज्य में एक एकीकृत परिवार-स्तरीय डेटा भंडार स्थापित किया जाएगा, जो विभिन्न विभागों और एजेंसियों के लिए लाभार्थी संबंधी सूचनाओं का एक विश्वसनीय स्रोत के रूप में कार्य करेगा।

देवभूमि परिवार विधेयक- 2026 सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और उत्तराखंड के नागरिकों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री