Breaking News
  • खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा- विनय शंकर पांडेय
  • नकली पनीर और गैर-दुग्ध उत्पादों पर धामी सरकार का शिकंजा, ऋषिकेश से टिहरी तक होटलों में छापेमारी
  • योजनाओं के नियमित मूल्यांकन और लक्ष्यों की वार्षिक मॉनिटरिंग पर दिया जाए विशेष ध्यान
  • राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शोध के निष्कर्षों का नीतियों एवं योजनाओं में हो प्रभावी उपयोग
  • चम्पावत जनपद में पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को बेहतर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी करने के दिए निर्देश

देहरादून, न्यूज़ आई: मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर लें। यह समय चुनौती का है, बादल फटने की घटनाएं भी हो रही हैं। आपदा के दृष्टिगत सभी आवश्यक उपकरण तैयार रखे जाय। जनपद के साथ ही तहसील एवं ब्लॉक लेवल पर भी आपदा कंट्रोल रूम बनाए जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि किसी क्षेत्र में आपदा आने पर रिस्पॉन्स टाइम कम से कम हो। सभी जिलाधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की फोन लिस्ट अपडेट रखें, ताकि किसी भी प्रकार की घटना होने पर त्वरित कार्यवाही की जा सके। आपदा के दृष्टिगत संवेदनशील स्थानों पर रिलीफ कैंप के लिए जगह चिन्हित की जाय।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून सीजन के दृष्टिगत पर्वतीय जनपदों में खाद्यान्न की पूर्ण व्यवस्था रखी जाय। सभी लाइन डिपार्टमेंट से नोडल ऑफिसर की नियुक्ति जल्द की जाय। यह सुनिश्चित हो कि आपदा के दौरान किसी भी प्रकार की क्षति होने पर आपदा के मानकों के हिसाब से संबंधित को क्षतिपूर्ति का भुगतान जल्द हो। जिन जनपदों में अभी मॉक ड्रिल नही हुई है, कोविड अप्रोप्रिएट बिहेवियर का ध्यान रखते हुए जल्द की जाय। आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील एवं संवेदनशील स्थानों पर हर समय पर्याप्त उपकरणों की व्यवस्था की जाय। आपदा के दृष्टिगत सभी जिलाधिकारी हेलीपैड मेंटिनेंस पर विशेष ध्यान दें।
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को आवागमन में कम से कम परेशानी हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों की पूर्ण व्यवस्था हो। आपदा प्रबंधन की दृष्टि से पेयजल एवं बिजली की आपूर्ति के लिए क्विक रिस्पॉन्स हो। पेयजल गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाय।
मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि संवेदनशील जल विद्युत परियोजनाओं के दृष्टिगत इनके आस-पास अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाये जाय। आपदा की दृष्टि से हेलीपैड मेंटिनेंस के लिए डीएम, एसडीआरएफ एवं नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारी इनका स्थलीय निरीक्षण करें। यह सुनिश्चित किया जाय कि संचार व्यवस्थाएं सुचारू रहे।
बैठक में वर्चुअल माध्यम से आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार श्री शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सचिव श्री आर.के सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगोली, श्री नितेश झा, श्री एस.ए.मुरुगेशन, डीआईजी एसडीआरएफ श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, संबंधित विभागीय सचिव, सभी कमिश्नर एवं जिलाधिकारी उपस्थित थे।