Breaking News
  • BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का उत्तराखंड प्रवास: आज टपकेश्वर मंदिर में किए दर्शन, बूथ अध्यक्ष के घर पहुंचे
  • खटीमा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 89 लाख रुपये की विकास योजनाओं का किया लोकार्पण
  • चारधाम दर्शन को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। चारों धामों में दर्शन को श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग रही
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल यात्रा प्रबंधन ने जीता श्रद्धालुओं का विश्वास
  • केदारनाथ में पहुंच चुके हैं 08 लाख 11 हजार से अधिक श्रद्धालु

योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड सरकार की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य ने हमेशा जनहित को सर्वोपरि रखा

देहरादून, न्यूज़ आई: यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ उत्तराखंड दौरे पर हैं. इसी कड़ी में योगी आदित्यनाथ पौड़ी के यमकेश्वर पहुंचे. यहां योगी आदित्यनाथ ने नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन के लोकार्पण किया. इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने धामी सरकार की जमकर तारीफ की. योगी आदित्यनाथ ने कहा आज उत्तराखंड सरकार धार्मिक स्थलों का संरक्षण कर रही है. इसके साथ ही अवैध अतिक्रमित धार्मिक स्थलों पर भी एक्शन ले रही हैं. उन्होंने उत्तराखंड सरकार के विकासकार्यों की भी जमकर सराहना की.

योगी आदित्यनाथ ने कहा देवभूमि उत्तराखंड आज धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को छू रही है. यह देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत है. योगी आदित्यनाथ ने कहा आज उत्तराखंड विकास के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है. राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और बुनियादी ढांचे के साथ साथ सनातन संस्कृति और धार्मिक स्थलों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया है. उन्होंने कहा विकास का वास्तविक अर्थ केवल भौतिक प्रगति नहीं है बल्कि संस्कारों संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के साथ संतुलित आगे बढ़ना ही सच्चा विकास है. योगी आदित्यनाथ ने कहा यमकेश्वर महादेव जैसे पावन क्षेत्र में शिक्षा के आधुनिक केंद्रों का निर्माण यह दर्शाता है कि उत्तराखंड सरकार ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है. उन्होंने नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन को क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव बताते हुए कहा कि बेहतर शैक्षणिक अधोसंरचना से गांवों में रहकर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त की जा सकती है. योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत की शिक्षा व्यवस्था एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. इस नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखना नहीं बल्कि उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सक्षम बनाना है. उन्होंने कहा कि गुरुकुल परंपरा से प्रेरित भारतीय शिक्षा प्रणाली हमेशा से संस्कार, आत्मनिर्भरता और परिश्रम पर आधारित रही है. आज उसी परंपरा को आधुनिक स्वरूप में आगे बढ़ाया जा रहा है.