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बजट सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस ने स्थाई राजधानी गैरसैंण सहित स्वास्थ्य,सड़क की मांग को लेकर किया जोरदार प्रदर्शन

देहरादून, न्यूज़ आई : ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराडीसैंण में आयोजित हो रहे पांच दिवसीय बजट सत्र के दौरान मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस आक्रामक दिखाई दे रही है. बजट सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस ने स्थाई राजधानी गैरसैंण, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं,प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था,महिला अपराध,बेरोजगारी,अंकिता भंडारी हत्याकांड सहित तामाम मुद्दों को लेकर सड़क पर जोरदार प्रदर्शन किया. वहीं, वहीं सदन के भीतर भी कांग्रेसी विधायक विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरते नजर आये.

आज सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसी कर्यकर्ताओं ने विधानसभा कूच किया. इस दौरान प्रदर्शकारियों की पुलिस से तीखी नोंकझोंक भी हुई. प्रदर्शनकारी विधानसभा जाने की जिद पर अड़े रहे. पुलिस बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकती रही. इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस कर्मियों से धकामुक्की भी हुई. विधानसभा के प्रवेश द्वार में पहले से ही भारी पुलिस बल की तैनाती व चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के चलते प्रदर्शनकारी आगे नही बढ़ पाये. गुसाये प्रदर्शनकारियों ने दिवालिखाल बैरियर पर ही सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस दौरान भीड़ को तितर बितर करने के लिए कुछ देर तक पुलिस ने वाटर कैनन का उपयोग किया.

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, हरक सिंह रावत, हरीश रावत, करन माहरा,ललित फर्सवाण सहित तमाम कांग्रेसी नेताओं ने कर्यकर्ताओं में जोश भरा. कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने एकजुटता का संदेश देते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा भाजपा सरकार कांग्रेस के प्रदर्शन और जनसैलाब से घबरा गई है, इसीलिए पुलिस बल का सहारा लेकर विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है.

प्रदर्शन कर रहे विभिन्न गांवों से आई महिलाओं ने कहा आज गैरसैंण स्वास्थ्य केंद्र एक रेफेर सेंटर मात्र बन कर रह गया है. सरकार विकास के बड़े बड़े दावे जमीनी हकीकत से अलग हैं. आज सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ रही है. गैरसैंण में स्पेशलिस्ट चिकित्सक नहीं हैं. जिसके कारण गर्भवती महिलाएं रास्ते में ही दम तोड़ दे रही हैं.