उत्तराखंड बनेगा देश का नया फिल्म हब — OTT, क्षेत्रीय सिनेमा और युवा प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच
देहरादून, न्यूज़ आई : एनएफडीसी और यूएफडीसी के साझा तत्वावधान में देहरादून के सहस्त्रधारा रोड स्थित होटल में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला ने उत्तराखंड के फिल्म निर्माण क्षेत्र को नई दिशा दी। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय था—“उत्तराखंड में फिल्मिंग इकोसिस्टम का विकास”, जिसमें नीतिगत सुधार, क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा और अवसंरचना पर विशेष फोकस रहा।
कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ जिसमें यूएफडीसी के सीईओ श्री बंशीधर तिवारी, संयुक्त सीईओ डॉ. नितिन उपाध्याय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार की निदेशक (फिल्म्स) सुश्री शिल्पा राव और एनएफडीसी के महाप्रबंधक श्री अजय धोके उपस्थित रहे।
🎥 इस आयोजन में देशभर से आए निर्माता, नीति विशेषज्ञ, अफसर और फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों ने भाग लिया। उत्तराखंड को एक मजबूत और आत्मनिर्भर फिल्म हब बनाने के लिए गहन चर्चाएं की गईं।
🎯 मुख्य ऐलान जो उत्तराखंड को बनाएंगे फिल्मकारों का पसंदीदा ठिकाना
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₹2 करोड़ तक की सब्सिडी क्षेत्रीय फिल्मों के लिए (पहले ₹25 लाख थी)।
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कम चर्चित लोकेशनों पर शूटिंग पर 5% अतिरिक्त प्रोत्साहन।
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स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता देने वाले निर्माताओं को विशेष सहयोग।
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एकल स्क्रीन सिनेमा हॉल निर्माण पर ₹25 लाख की सब्सिडी (खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में)।
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फिल्म से जुड़ी सुविधाओं का समर्पित डिजिटल पोर्टल विकसित किया जाएगा।
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सिंगल विंडो क्लीयरेंस, शूटिंग परमिट, उपकरण, कलाकार, होटल आदि की सूची एक जगह।
🧭 स्थानीय प्रतिभा, स्थानीय कहानियाँ — उत्तराखंड की नई फिल्म नीति की आत्मा
डॉ. नितिन उपाध्याय ने उत्तराखंड की फिल्म नीति को “प्रतिभा, प्रशिक्षण और तकनीक” का संगम बताते हुए कहा, “हम सिर्फ बाहरी निर्माताओं पर नहीं, बल्कि अपने स्थानीय कहानीकारों और तकनीशियनों को भी मंच देंगे।” उन्होंने उत्पादन सब्सिडी, लोकेशन सहयोग, फिल्म संस्थानों की स्थापना और मल्टीप्लेक्स निर्माण की जानकारी भी साझा की।
📢 VideosAlarm OTT: उत्तराखंड की डिजिटल आवाज़
इस कार्यक्रम की एक बड़ी उपलब्धि रही — उत्तराखंड के अपने OTT प्लेटफॉर्म “VideosAlarm” की प्रस्तुति।
सह-संस्थापक श्री निखिल जैन ने मंच से बताया कि Videosalarm का मकसद स्थानीय भाषा और संस्कृति को डिजिटल दुनिया में पहचान दिलाना है।
🔊 उन्होंने बताया कि यह OTT प्लेटफॉर्म सालाना मात्र ₹99 में उत्तराखंडी फिल्मों का असीम आनंद देता है, जो Android और iOS दोनों पर उपलब्ध है। उन्होंने इस मंच की सरल पहुँच, सस्ती सदस्यता, और क्षेत्रीय कंटेंट फोकस को विस्तार से समझाया।
🎙️ श्री निखिल जैन ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की कि इस तरह के स्वदेशी प्रयासों को राजकीय सहयोग और नीति में स्थान मिलना चाहिए, ताकि स्थानीय कलाकारों, दर्शकों और युवाओं को लाभ मिल सके। इस विचार को कार्यशाला में मौजूद सभी विशेषज्ञों और अधिकारियों से सराहना मिली।
🌐 भारत सरकार का भी डिजिटल फोकस
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की निदेशक सुश्री शिल्पा राव ने भारत को वैश्विक सिनेमा हब बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि “WAVES OTT” और “Indian Cine Hub” जैसे पोर्टल्स अब क्षेत्रीय फिल्म निर्माताओं के लिए वन-स्टॉप सॉल्यूशन बनेंगे। साथ ही उन्होंने सामुदायिक फिल्म देखने की संस्कृति को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
एनएफडीसी के अजय धोके, इंडियन सिने हब के रामकुमार विजयन सहित सभी विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे केंद्र सरकार की योजनाएं अब राज्य-स्तरीय नीतियों से समन्वित हो रही हैं।
🧩 फिल्म नीति की गहराई से समीक्षा
NFDC और UFDC की संयुक्त बैठक में राज्य में सिनेमा स्क्रीनों की संख्या, फिल्म संस्थानों की आवश्यकता, OTT इंटीग्रेशन, और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के विस्तार जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि उत्तराखंड का अपना फिल्म फेस्टिवल और राज्य फिल्म पुरस्कार जल्द शुरू किए जाएंगे।
