Breaking News
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की वार्ता, समाधान की दिशा में पहल
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी करते हुए राज्य में इस महत्वपूर्ण अभियान की औपचारिक शुरुआत की
  • डिजिटल जनगणना में उत्तराखंड ने बढ़ाया कदम, मुख्यमंत्री ने की सक्रिय भागीदारी
  • मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जन समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारी विधायकगणों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल एवं ऊधमसिंहनगर जनपद की विभिन्न विधानसभाओं से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा की।

ऑपरेशन सिंदूर आतंकियों पर सटीक प्रहार: राज्यपाल गुरमीत सिंह

देहरादून, न्यूज़ आई : उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) नैनीताल प्रवास पर हैं। वह लंबे समय तक सेना के प्रमुख पदों पर रहे हैं। कश्मीर और उत्तराखंड में भी उनकी तैनाती रही है। पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना की ओर से पाकिस्तान के आतंकी शिविरों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया। उसके बाद सीजफायर हो गया। इस मामले में विपक्ष और कुछ एक्स्पर्ट की ओर से सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इस पर राज्यपाल क्या सोचते है? इस मुद्दे पर अमर उजाला ने उनसे बातचीत की, जिसमें उन्होंने कहा कि आतंकियों पर सटीक प्रहार कर देश को सही समय पर युद्ध से निकाल लिया। यह ऑपरेशन इतिहास में दर्ज हो गया है। कश्मीर को मैंने बेहद करीब से देखा है। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से मुकाबला किया है। जिस तरह से पाकिस्तान पोषित आतंकियों ने पहलगाम में हमारे 26 मासूम नागरिकों की हत्या की, उससे पूरे देश में उबाल था। भारत का हर नागरिक चाह रहा था कि आतंकवादियों को सबक सिखाया जाए। जनता की भावना को देखते हुए भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया। इसके तहत मिसाइल के जरिये पाकिस्तान के आतंकी शिविरों को ध्वस्त किया गया। महज चार दिन में हमारी सेना ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। इससे हर भारतीय खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
भारत सत्यमेव जयते को मानने वाला देश है। उसी के तहत ऑपरेशन सिंदूर के पहले दिन से ही सरकार ने सधे अंदाज में पूरी दुनिया तक अपनी बात पहुंचाई। चीन और तुर्किये को छोड़कर किसी भी दूसरे देश ने भारत का विरोध नहीं किया। भारत विश्व के दूसरे देशों को यह समझाने में सफल रहा है कि उसका एक्शन किसी देश के खिलाफ नहीं बल्कि आतंकवाद का फन कुचलने के लिए था। यह हमारी डिप्लोमेसी की सबसे बड़ी जीत है। जिस तरह से आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल इंडिया ने किया है। पाकिस्तान की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले द्रोण को जिस तरह से मार गिराया गया है। उससे देश और मजबूत हुआ है। इससे दुनिया में हमारी साख मजबूत हुई है।