Breaking News
  • सैनिकों के अनुशासन और समर्पण से प्रेरणा लेकर जनता की सेवा कर रहा हूँ – मुख्यमंत्री
  • पूर्व उपनल कर्मियों को समान कार्य समान वेतन के लिए 289.98 करोड़ की व्यवस्था, सरकार का बड़ा निर्णय
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूसरे कार्यकाल के बीते चार साल में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण पुननिर्माण किया गया
  • स्वर्गीय दिवाकर भट्ट जी का संघर्षशील व्यक्तित्व उत्तराखंड की जनराजनीति की पहचान- मुख्यमंत्री
  • सीएम धामी ने पेश किया 111,703.21 करोड़ का बजट, पिछले साल से 10% अधिक

मुख्य सचिव ने राज्य में नशामुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की

देहरादून, न्यूज़ आई : मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में राज्य में नशामुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रदेश के सभी नशामुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास केंद्रों का दौरा करने के निर्देश दिए, साथ ही कहा कि जो नशामुक्ति केंद्र अच्छा कार्य कर रहे हैं, उन्हें सहयोग प्रदान किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि मेंटल हेल्थ केयर सेंटर सेलाकुई को और मजबूत किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने परिचरों हेतु 5 कमरों की व्यवस्था के साथ ही 10 डोरमेट्री की व्यवस्था शीघ्र अतिशीघ्र सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य से सम्बन्धित समस्याओं के लिए एक डेडीकेटेड हेल्पलाइन नम्बर भी शुरू किए जाने के निर्देश दिए, कहा कि दूर दराज के लोगों को भी इसकी जानकारी हो इसके लिए इसका प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने गढ़वाल और कुमाऊं के लिए एक – एक डेडीकेटेड मोबाईल मेंटल हेल्थ केयर वैन शुरू किए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसे मानसिक स्वास्थ्य रोगी जिनका उपचार अपने घरों में चल रहा है उन्हें नजदीकी उपलब्ध चिकित्सक के पास दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के प्रयास किए जाएं, ताकि उन्हें दवाओं के लिए सेलाकुई तक न आना पड़े। उन्होंने रिहैबिलिटेशन सेंटर्स के लिए नई स्कीम तैयार किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि सरकारी रिहैबिलिटेशन सेंटर्स में पर्याप्त मात्रा में बेड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही बहुत अच्छा कार्य कर रहे निजी और एनजीओ के माध्यम से चल रहे केंद्रों को सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री एल फैनई, सचिव श्री आर राजेश कुमार एवं एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर श्री वी. मुरूगेशन सहित अन्य सम्बन्धित उच्चाधिकारी उपस्थित थे।