Breaking News
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि, उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में पुलिस की जिम्मेदारी और अधिक चुनौतीपूर्ण
  • पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम का बड़ा ऐलान, 1600 पदों पर जल्द होगी भर्ती प्रक्रिया, दून में बनेगा पुलिस ट्रांजिट हॉस्टल
  • पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर देहरादून स्थित पुलिस लाइन में किया गया कार्यक्रम का आयोजन
  • देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड, न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस की बाइक रैली, सामाजिक संगठनों का भी प्रदर्शन
  • लड़कियों के लिए बड़ी खुशखबरी! पुलिस में बढ़ेगी महिला कॉस्टेबल की संख्या, सीएम धामी ने दी मंजूरी

सीएम रावत के नेतृत्व में राज्य की सरकार महिलाओं के लिए कर रही काम !

देहरादून, न्यूज़ आई। प्रदेश की आधी आबादी के सशक्तिकरण को लेकर संवेदनशील मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने महिलाओं से किये अपने हर वादे को बीते चार साल में जमीन पर उतारा है। कुपोषण के खिलाफ जंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी ‘‘पीएम मातृत्व वंदना योजना’’ को उत्तराखंड में लागू कर मुख्यमंत्री रावत ने प्रदेश की महिलाएं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का काम किया है। प्रदेश की महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सीएम रावत के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित योजना से गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक मदद से महिलाएं गर्भावस्था खुद के साथ-साथ अपने नवजात की भी देखभाल करने में सक्षम हुई हैं। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य लाभ के लिए योजना चलायी जा रही है।
सरकार की ओर से योजना के तहत महिलाओं को पहले छह महीनों तक के लिए प्रारंभिक एवं विशेष स्तनपान और पोषण प्रथाओं का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना, गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताओं को बेहतर तरीके से स्वास्थ्य और पोषण के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाती है। योजना के तहत गर्भधारण के समय महिलाओं को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जिससे नियमित रूप से जच्चा-बच्चा की जांच हो सके। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) चलायी गयी है। इस योजना को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है। यह योजना देश के विभिन्न राज्यों में भी लागू है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना है। जिससे वह खुद के साथ-साथ अपने नवजात की भी देखभाल कर सकें। योजना के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिला व माताओं को 5000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह सहायता राशि सीधे उनके खाते में जाती है। इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं। स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों पर भी इस योजना के लिए पंजीकरण कराया जा सकता है।