चिंतन शिविर के सत्रों में शिक्षा, आर्थिक, सामाजिक सुरक्षा और पहुंच पर हुई बात
देहरादून, न्यूज़ आई : भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आज देहरादून में दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 2025’ का उद्घाटन किया गया। यह आयोजन समावेशी नीति निर्माण, कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और उपेक्षित रहे समुदायों के लिए सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने हेतु केंद्र एवं राज्य सरकारों के मध्य सहयोग को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के चिंतन शिविर में कमजोर वर्ग की चिंता है, तो मजबूती के लिए चार मंत्रों पर सबसे ज्यादा जोर है। ये चार मंत्र हैं-शिक्षा, आर्थिक विकास, सामाजिक सुरक्षा और योजनाओं व सुविधाओं की वंचित वर्ग तक सीधे पहुंच। यानी वंचित वर्ग की शिक्षा, उसके आर्थिक विकास, उसकी सामाजिक सुरक्षा के ठोस इंतजाम करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि सुविधाओं और तमाम योजनाओं की उस तक सीधी पहुंच हो जाए। चिंतन दिन के पहले दिन के विभिन्न सत्रों का यही निचोड़ रहा है, जहां केंद्र सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं के आलोक में राज्यों की सहभागिता से वंचित वर्ग के सशक्तिकरण का संकल्प लिया गया है। चितंन शिविर के दूसरे दिन यानी आठ अप्रैल को समापन सत्र के अलावा दो अन्य सत्र भी आयोजित किए जाने हैं। इनमें से एक, सामाजिक सशक्तिकरण पर केंद्रित होगा, तो दूसरा सत्र तकनीकी होगा।
शिविर में कहा गया कि वंचित वर्ग की शिक्षा, उसके आर्थिक विकास, उसकी सामाजिक सुरक्षा के ठोस इंतजाम करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि सुविधाओं और तमाम योजनाओं की उस तक सीधी पहुंच हो जाए। पहले दिन के विभिन्न सत्रों का यही निचोड़ रहा है, जहां केंद्र सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं में राज्यों की सहभागिता से वंचित वर्ग के सशक्तीकरण का संकल्प लिया गया। चिंतन शिविर के दूसरे दिन कल समापन सत्र के अलावा दो अन्य सत्र भी आयोजित किए जाने हैं। इनमें से एक, सामाजिक सशक्तीकरण पर केंद्रित होगा, तो दूसरा सत्र तकनीकी होगा।
