उत्तराखंड आने वाले सभी श्रद्धालुओं को चारों धामों के दर्शन करवाने का सरकार का संकल्प
देहरादून, न्यूज़ आई : चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने काम शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में यात्रा रूटों पर तैनात 108 आपातकालीन सेवा को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से रिस्पांस टाइम को कम करके 15 मिनट कर दिया गया है. इसके साथ ही यात्रा मार्गो में हर चिकित्सा यूनिट्स में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भी तैनाती होने जा रही है. चारधाम यात्रा में 49 स्थाई और 25 अस्थाई चिकित्सा इकाइयों को स्थापित किए जाने का निर्णय लिया गया है. जिसमें रोटेशन के आधार पर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और जनरल डॉक्टरों के साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की जाएगी. इसके अलावा यात्रा रूटों पर कुल 154 एंबुलेंस तैनात रहेंगी. जिसमें 17 एएलएस और एक बोट एंबुलेंस भी शामिल है. गंभीर स्थिति के लिए यात्रा के दौरान एक हेली एंबुलेंस भी तैनात रहेगी. इमरजेंसी की स्थिति में मरीजों को एयरलिफ्ट करके एम्स ऋषिकेश या फिर दून मेडिकल कॉलेज लाया जाएगा. इस बार सरकार यात्रा के दौरान प्राइवेट सेक्टर के 40 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की सेवाएं भी ली जाएगी. इसको लेकर प्राइवेट मेडिकल संस्थानों से बात की गई है.
चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा को अपनी शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार का दृढ़ संकल्प है कि जो भी तीर्थ यात्री, श्रद्धालु व पर्यटक देवभूमि उत्तराखंड आए वे चारों धामों के दर्शन करें। चारधाम यात्रा की पुख्ता व्यवस्थाओं हेतु सरकार की ठोस एवं गंभीर रणनीति को लेकर सीएम श्री धामी ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं कल तीसरी बार चारधाम यात्रा की तैयारियों के संबंध में प्रशासन की महत्वपूर्ण बैठक लेने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा की शुरुआत के दिनों में यात्रा का संचालन थोड़ा कठिन होता है, जिसे लेकर परिवहन एवं पुलिस विभाग सहित अन्य महत्वपूर्ण संबंधित विभागों को विशेष रूप से पुख्ता व्यवस्थाओ हेतु हिदायत दी जाएगी।
