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चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम के पास भगदड़ मचने से 11 लोगों की मौत

देहरादून, न्यूज़ आई : चिन्नास्वामी स्टेडियम में भगदड़ के बाद हर तरफ चीख पुकार मची थी। अपने खिलाड़ियों की झलक पाने पहुंचे प्रशंसक आयोजकों की ओर से किए बदहाल इंतजामों को कोस रहे थे। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि कैसे देखते ही देखते जश्न का माहौल मातम में बदल गया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का आईपीएल चैंपियन बनने का सपना साकार होने के जश्न में पूरे कर्नाटक से क्रिकेट प्रेमी बंगलूरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मंगलवार रात से ही जुटने लगे थे। बताया गया था कि सम्मान समारोह के बाद खुली बस में खिलाड़ियों की परेड निकलेगी, लेकिन कब यह अंतिम समय तक तय नहीं हुआ। आयोजकों ने परेड को लेकर फैसला अंतिम मिनट तक नहीं किया। प्रवेश के लिए पास अनिवार्य थे, जबकि हजारों लोग बिना पास के पहुंच गए थे। पास चेक करने के लिए तो कुछ लोग तैनात थे, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने की कोई व्यवस्था नहीं थी। वहां जमा लोगों की भीड़ की मदद के लिए कोई नहीं था।

लिंगराजपुरम से पहुंचे चश्मदीद इनायत ने बताया कि जब वे गेट नंबर 3 पर पहुंचे तो वहां तिल रखने की भी जगह नहीं थी। लोग बिना पास के अंदर जाने के लिए कतारों में खड़े थे। तभी गेट हल्का सा खुला और बाहर खड़ी भीड़ ने अंदर घुसने की कोशिश की। बंगलूरू भगदड़ पर कर्नाटक के गृह मंत्री डॉ. जी परमेश्वर ने बड़ा बयान दिया है। सरकार पर लगते लापरवाही के आरोपों के बीच उन्होंने इवेंट के आयोजन से पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने कहा कि हमें किसी इवेंट का आयोजन नहीं किया, न ही हमने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम को बंगलूरू बुलाया। वे खुद ही यहां आए। दरअसल, भाजपा समेत तमाम राजनीतिक दलों ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच जारी अनबन की वजह से जरूरी व्यवस्थाओं में चूक हुई और इतना बड़ा हादसा हो गया।