Breaking News
  • BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का उत्तराखंड प्रवास: आज टपकेश्वर मंदिर में किए दर्शन, बूथ अध्यक्ष के घर पहुंचे
  • खटीमा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 89 लाख रुपये की विकास योजनाओं का किया लोकार्पण
  • चारधाम दर्शन को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। चारों धामों में दर्शन को श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग रही
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल यात्रा प्रबंधन ने जीता श्रद्धालुओं का विश्वास
  • केदारनाथ में पहुंच चुके हैं 08 लाख 11 हजार से अधिक श्रद्धालु

राजधानी दून के रिस्पना-बिंदाल किनारे बनने वाले एलिवेटेड रोड के लिए मकानों को तोड़ा जाएगा।

देहरादून, न्यूज़ आई : शहर में 26 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए मलिन बस्तियों में कई घरों को तोड़ा जाएगा। इसके लिए मकानों पर आज से लाल निशान लगाने का काम शुरू होगा। जिन भवनों पर लाल निशान लगाया जाएगा, उनकी जमीन भूमि अधिग्रहण के दायरे में आएगी। एक बार लाल निशान लगाने के बाद भवनों के चिह्नीकरण की स्क्रूटनी भी की जाएगी। इसके बाद मकानों-दुकानों को ताेड़कर भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होगी। रिस्पना-बिंदाल किनारे बनने वाले एलिवेटेड रोड के लिए मकानों को तोड़ा जाएगा। मकानों की भूमि को अधिग्रहीत किया जाएगा। मकानों पर लाल निशान लगाने की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो जाएगी।लाल निशान लगाने का मतलब भवन स्वामियों के लिए एक संदेश भी है, ताकि संबंधित लोगों को यह पता चल सके कि उनके मकानों को अधिग्रहीत किया जाएगा और भवन स्वामी अपनी बात रख सकें।

भवन स्वामी भूमि के बदले भूमि या मुआवजे का दावा कर सकते हैं। भवन स्वामियों के मत के आधार पर ही शासन पुनर्वास नीति बनाएगा। जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा, सामाजिक समाघात की प्रक्रिया को पूरा कराया जा रहा है, मकानों का चिह्नीकरण किया गया है, सर्वे रिपोर्ट के बाद तय होगा कि स्थानीय लोग क्या चाहते हैं। उनकी इच्छा के अनुसार ही मुआवजा या जमीन दी जाएगी।