Breaking News
  • महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल: सीएम धामी
  • महिला सशक्तीकरण के लिए केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का धरातल पर मिल रहा लाभ — मुख्यमंत्री
  • लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ : मुख्यमंत्री
  • वंदे मातरम: पूरा गान देश की एकता का प्रतीक; अब भारत को और विभाजित नहीं होने दिया जाएगा- शिवराज सिंह चौहान
  • रक्षाबंधन पर 28 और 29 अगस्त को महिलाओं को रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा की सौगात

राजधानी दून के रिस्पना-बिंदाल किनारे बनने वाले एलिवेटेड रोड के लिए मकानों को तोड़ा जाएगा।

देहरादून, न्यूज़ आई : शहर में 26 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए मलिन बस्तियों में कई घरों को तोड़ा जाएगा। इसके लिए मकानों पर आज से लाल निशान लगाने का काम शुरू होगा। जिन भवनों पर लाल निशान लगाया जाएगा, उनकी जमीन भूमि अधिग्रहण के दायरे में आएगी। एक बार लाल निशान लगाने के बाद भवनों के चिह्नीकरण की स्क्रूटनी भी की जाएगी। इसके बाद मकानों-दुकानों को ताेड़कर भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होगी। रिस्पना-बिंदाल किनारे बनने वाले एलिवेटेड रोड के लिए मकानों को तोड़ा जाएगा। मकानों की भूमि को अधिग्रहीत किया जाएगा। मकानों पर लाल निशान लगाने की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो जाएगी।लाल निशान लगाने का मतलब भवन स्वामियों के लिए एक संदेश भी है, ताकि संबंधित लोगों को यह पता चल सके कि उनके मकानों को अधिग्रहीत किया जाएगा और भवन स्वामी अपनी बात रख सकें।

भवन स्वामी भूमि के बदले भूमि या मुआवजे का दावा कर सकते हैं। भवन स्वामियों के मत के आधार पर ही शासन पुनर्वास नीति बनाएगा। जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा, सामाजिक समाघात की प्रक्रिया को पूरा कराया जा रहा है, मकानों का चिह्नीकरण किया गया है, सर्वे रिपोर्ट के बाद तय होगा कि स्थानीय लोग क्या चाहते हैं। उनकी इच्छा के अनुसार ही मुआवजा या जमीन दी जाएगी।