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दून की कैंट भाजपा के लिए सुरक्षित सीट, लेकिन बड़ा सवाल हरबंस कपूर का उत्तराधिकारी कौन होगा ?

देहरादून, न्यूज़ आई: दून की कैंट भाजपा के लिए सुरक्षित सीट रही है। भाजपा के दिवंगत वरिष्ठ नेता हरबंस कपूर इस सीट पर अजेय रहे, जिससे यहां से भाजपा के लिए बीते 20 सालों में किसी तरह की कोई चुनौती खड़ी नहीं हो पाई। इस बार के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा उन पर ही दांव खेलने की तैयारी में थी, लेकिन चुनाव से ऐन पहले उनका निधन होने से अब इस सीट के समीकरण बदल गए हैं। आज बड़ा सवाल यह है कि कैंट सीट पर हरबंस कपूर का उत्तराधिकारी कौन होगा। भाजपा उनके परिवार के ही किसी सदस्य पर विश्वास जताती है या नया चेहरा मैदान में उतारती है। इधर, कई साल से यहां जीत तलाश रही कांग्रेस को भी इस बार हरबंस कपूर के नहीं होने पर उम्मीद की किरण दिख रही है। यही कारण है कि देहरादून कैंट के लिए कांग्रेस दावेदारों की भी फेहरिस्त काफी लंबी-चैड़ी है। भाजपा प्रत्याशी के रुप में दिवंगत हरबंस कपूर की पत्नी सविता कपूर व पुत्र अमित ताल ठोक रहे हैं। तो दून के वर्तमाल महापौर सुनील उनियाल गामा की भी इस सीट पर नजर है। वहीं विनय गोयल और जोगेन्द्र पुण्डी़र भी भाजपा से अपनी दावेदारी को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं। आप ने तो यहां से रविंद्र आनंद को अपना प्रत्याशी घोषित भी कर दिया है। वहीं कांग्रेस पार्टी की तरफ से सूर्यकांत धस्माना इसे सबसे बड़ा अवसर मान अपना भाग्य आाजमाना चाहते हैं। तो वैभव वालिया अपनी मैनेजमैंट दक्षता के बल पर चुनाव की वैतरणी पार करने की सोच रहे हैं। तो वीरेन्द्र पोखरियाल ने भी कांग्रेस चुनाव समिति के सामने अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। अब देखने वाली बात यह है कि भाजपा व कांगेस आलाकमान यहां से किस प्रत्याशी पर दांव लगाते हैं।