Breaking News
  • राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पतंजलि योगपीठ में आयोजित जड़ी-बूटी दिवस कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर रक्षाबन्धन के दिन प्रदेश की महिलाओं को बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जायेगी
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त देवभूमि का संकल्प लिया है
  • देवभूमि उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जायेगा- मुख्यमंत्री
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने की अपील की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर की कई घोषणाएं

देहरादून, न्यूज़ आई: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों व आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रदेश की जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा लगभग एक लाख करोड़ रूपए की विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत की गई हैं। इनमें से बहुत सी परियोजनाओं पर काम हो गया है और अन्य पर काम तेजी से चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी योजना है कि 2025 तक उत्तराखंड के प्रत्येक गांव को लिंक मार्गों के माध्यम से बड़े राजमार्गों और ऑल वेदर रोड से जोड़ सकें। जिससे पहाड़ों पर औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा सके और पलायन की समस्या से उत्तराखंड को मुक्ति दिलाकर पहाड़ की जवानी को पहाड़ के काम लाया जा सके। उन्होंने कहा कि विश्व के सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित सिखों के पवित्र धर्म स्थल हेमकुंड साहब को शीघ्र ही रोपवे से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही इसी योजना के अन्तर्गत 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक केदारनाथ धाम तक केबल कार द्वारा पहुंचा जा सकेगा। राज्य सरकार नैनीताल में स्थित कैंचीधाम के विकास के लिए भी काम कर रही है जिसके अंतर्गत 60 करोड़ से अधिक के विभिन्न विकास कार्य किए जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा राज्य अतुलनीय प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक आपदाएं भी समय-समय पर हमारी परीक्षाएं लेती रही हैं। पिछले दिनों अतिवृष्टि के कारण आई आपदा इसका एक उदाहरण है, जिसमें कई लोगों ने जान गंवाईं, जो अत्यन्त दुखद है। मैं उन सभी मृत आत्माओं के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता हूं । राज्य सरकार आपदाओं का सामना त्वरित गति से करने के लिए संकल्पबद्ध है। इसी के परिणाम स्वरुप गत दिनों में आई आपदा का सामना हम सही प्रकार से कर सके और समय से राहत व बचाव कार्यों को संचालित कर कई लोगों की जान भी बचा सके। उन्होंने आपदा के समय हमेशा आगे रहकर लोगों की मदद करने के लिए पुलिस, एसडीआरएफ समेत सभी सम्बन्धित विभागों की सराहना भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों से पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से दुनिया का सबसे बड़ा निःशुल्क कोविड वैक्सीनेशन महाअभियान संचालित किया जा रहा है। हाल ही में हमारे देश ने 100 करोड़ वैक्सीनेशन डोज का पड़ाव पार किया है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड, 18 वर्ष से अधिक सभी नागरिकों को कोविड-19 वैक्सीन की प्रथम डोज लगाये जाने वाला राज्य बन गया है। शत-प्रतिशत दूसरी डोज का लक्ष्य भी शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का पूरा कार्यकाल दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों के विकास को समर्पित रहा है। यह पहली सरकार है जिसने पलायन को गम्भीरता से लिया और रिवर्स पलायन को साकार करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश के लिए पर्यटन, आयुष व वेलनेस, आईटी, सौर ऊर्जा सहित सर्विस सेक्टर पर विशेष फोकस किया गया है। सीमांत तहसीलों के लिए ’’मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना’’ शुरू की है तथा सभी न्याय पंचायतों में क्लस्टर आधारित एप्रोच पर ग्रोथ सेंटर बनाए जा रहे हैं। वोकल फॉर लोकल पर आधारित ’’एक जनपद दो उत्पाद’’ योजना द्वारा स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा करने की कोशिश की है। सरकार द्वारा शुरू की गई होम स्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अपेक्षा के अनुसार हम वर्ष 2025 तक जब उत्तराखंड अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा होगा, तब हम उसे देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं और इसके लिए हम ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के मंत्र को ध्यान में रखकर दिन-रात कार्य कर रहे हैं। जिसके द्वारा हम अन्त्योदय के अपने अंतिम लक्ष्य को प्राप्त कर सकें और उत्तराखंड को सच्चे अर्थों में देवभूमि बना सकें।