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मुख्यमंत्री ने कहा आपदाकाल में गर्भवती महिलाओं को अगर एयर लिफ्ट करने की जरूरत पड़ रही है तो इसमें देर न करते हुए उन्हें निकटवर्ती सुविधा युक्त चिकित्सालयों में पहुँचाया जाए

देहरादून, न्यूज़ आई: राज्य में मातृ मृत्यु दर को कम करने एवं गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल को लेकर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में मातृ मृत्यु दर कम करने एवं गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल और आपदाकाल में गर्भवती महिलाओं को अगर एयर लिफ्ट करने की जरूरत पड़ने पर उन्हें निकटवर्ती सुविधा युक्त चिकित्सालयों में पहुँचाया जाए। मुख्यमंत्री ने इस बाबत सचिव स्वास्थ्य से विस्तृत कार्ययोजना बनाने को कहा है। मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मातृ मृत्यु दर एवं गर्भवती महिलाओं की देखभाल को लेकर आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए और प्रभावी प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने गर्भवतियों के स्वास्थ्य की देखभाल को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिये। आपदाकाल में सामान्य स्वास्थ्य केन्दों से गर्भवती महिला को आवश्यकतानुसार हेलीकॉप्टर के माध्यम से निकटतम ऐसे चिकित्सालय जिसमें सीजेरियन ऑपरेशन की व्यवस्था हो तक पहुँचाने की सुविधा प्रदान की जायेगी। इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि प्रसव के उपरान्त भी सभी गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं का निर्धारित अन्तराल पर उनके घर पर ही स्वास्थ्य परीक्षण किये जाने की व्यवस्था सुचारू है। साथ ही किसी भी जोखिम की स्थिति में सर्न्दभण किये जाने हेतु निःशुल्क वाहन की व्यवस्था उपलब्ध है। हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली महिलाओं का विशेष ध्यान रखते हुये ससमय अतिरिक्त आवश्यक जांचे कराये जाने की व्यवस्था है। इस हेतु निर्धारित प्रोत्साहन राशि रू0 300/- समय से सीधे आशा के खाते में जमा करायी जा रही है। गर्भवती महिलाओं को केन्द्र सरकार के माध्यम से जननी सुरक्षा योजना के अर्न्तगत संस्थागत प्रसव कराने पर ग्रामीण क्षेत्रों में रू0 1400 /- एवं शहरी क्षेत्रों में रू0 1000 / – सीधे लाभार्थी के खातों में दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने भी इस हेतु अपने स्तर से ईजा बोई शगुन योजना के अर्न्तगत रू0 2000/- की अतिरिक्त व्यवस्था की है, जिससे निसन्देह संस्थागत तथा सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा मिलेगा।