Breaking News
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें विशेष प्रसन्नता है कि प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले अनेक युवा रिवर्स पलायन कर अपने गांव और प्रदेश लौटे हैं
  • नेचर गाइड केवल पर्यटकों के मार्गदर्शक नहीं, बल्कि उत्तराखंड के जंगलों और वन्यजीवों के प्रहरी हैंः मुख्यमंत्री
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विज्ञान एवं नवाचार नीति पर विशेषज्ञों के साथ किया सार्थक संवाद
  • मुख्यमंत्री धामी ने किया देहरादून साइंस सिटी निर्माण कार्यों का निरीक्षण
  • 01 हजार से अधिक लोगों ने कराया पंजीकरण, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला

लोगों और विशेषकर युवाओं में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई जा रही: सीएम धामी

देहरादून, न्यूज़ आई : सोमवार को मादक पदार्थों की तस्करी व राष्ट्रीय सुरक्षा विषय पर हुई बैठक में विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल, उपराज्यपाल एवं मुख्यमंत्री शामिल हुए। मुख्यमंत्री धामी ने कहा, उत्तराखंड में मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए राज्य में वर्ष 2022 में त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स बनाई गई है। सीएम ने कहा कि लोगों और विशेषकर युवाओं में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई जा रही है। नशा तस्करी से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कड़ी करवाई की जा रही है। सभी जिलों में नशा मुक्ति केंद्रों को प्रभावी बनाया जा रहा। राज्य में चार इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन सेंटर फॉर एडिक्ट संचालित हैं। एम्स नई दिल्ली की सहायता से राज्य में एडिक्शन ट्रीटमेंट फेसिलिटी का भी संचालन हो रहा है। ऐसे मामलों के लिए एम्स ऋषिकेश में 10 बेड की व्यवस्था की गई है। उत्तरकाशी, चंपावत, अल्मोड़ा और श्रीनगर में भी एटीएफ के संचालन के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड में नारकोटिक्स ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत अब तक 586 मामलों में 742 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। छात्रों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए स्कूलों में छठी से बारहवीं कक्षा तक नारकोटिक्स ड्रग्स के विषय पढ़ाए जाएंगे, इसके लिए एनसीईआरटी को प्रस्ताव भेज दिया गया है। 2025 तक उत्तराखंड को ड्रग्स फ्री बनाने का लक्ष्य है, सरकार इस ओर तेजी से बढ़ रही है।