Breaking News
  • राज्य में संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और आधुनिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखण्ड संस्कृत आयोग के गठन की तैयारी
  • मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 8 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
  • यूसीसी, नकल विरोधी कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक फैसले लेकर उत्तराखंड ने कायम की नई मिसालः मुख्यमंत्री
  • हिमालय ब्रांड से उत्तराखंड की मातृशक्ति के उत्पादों को देश-दुनिया में मिल रही नई पहचानः मुख्यमंत्री धामी
  • हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत चार प्रमुख परियोजनाओं का विवरण

मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत दूसरे चरण में आठ जिलों की 212 महिलाओं को दी गई पहली किस्त

देहरादून, न्यूज़ आई : मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के दूसरे चरण में 212 नई महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए पहली किस्त की सहायता राशि दी गई। वहीं पहले से योजना का लाभ ले रही 276 महिलाओं को दूसरी किस्त के रूप में 1.20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई। यह राशि बुधवार को मुख्य सेवक सदन, कैंट रोड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वितरित की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार एकल, निराश्रित, परित्यक्ता और विधवा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इस योजना के जरिए महिलाएं अपने गांव और क्षेत्र में ही रोजगार शुरू कर आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि दूसरे चरण में आठ जिलों की 212 महिलाओं को पहली किस्त दी गई है। साथ ही पहले चरण की 276 महिलाओं को दूसरी किस्त भी जारी की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि, पशुपालन, ब्यूटी पार्लर, सिलाई समेत कई व्यवसायों के लिए 75 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है, जिससे महिलाओं का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है।

उन्होंने बताया कि पहले चरण में 10 फरवरी 2026 को छह जिलों की 484 महिलाओं को 3.45 करोड़ रुपये से अधिक की पहली किस्त दी गई थी। अब दूसरे चरण में अल्मोड़ा, चंपावत, चमोली, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और देहरादून की 212 महिलाओं को 1.55 करोड़ रुपये से अधिक की पहली किस्त जारी की गई है। इसके अलावा देहरादून, नैनीताल और टिहरी की 276 महिलाओं को 1.20 करोड़ रुपये से अधिक की दूसरी किस्त भी दी गई। योजना के तहत अधिकतम दो लाख रुपये तक की परियोजना पर सरकार 75 प्रतिशत तक सब्सिडी देती है, जबकि 25 प्रतिशत राशि लाभार्थी महिला को स्वयं लगानी होती है।

Leave a Reply