Breaking News
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें विशेष प्रसन्नता है कि प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले अनेक युवा रिवर्स पलायन कर अपने गांव और प्रदेश लौटे हैं
  • नेचर गाइड केवल पर्यटकों के मार्गदर्शक नहीं, बल्कि उत्तराखंड के जंगलों और वन्यजीवों के प्रहरी हैंः मुख्यमंत्री
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विज्ञान एवं नवाचार नीति पर विशेषज्ञों के साथ किया सार्थक संवाद
  • मुख्यमंत्री धामी ने किया देहरादून साइंस सिटी निर्माण कार्यों का निरीक्षण
  • 01 हजार से अधिक लोगों ने कराया पंजीकरण, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला

मुख्य सचिव ने अफसरों को दी सख्त हिदायत

देहरादून, न्यूज़ आई : प्रदेश में विभिन्न विभागों के अंतर्गत कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति मिले इसके लिए मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने सख्त निर्देश जारी करते हुए अफसरों को इसमें कोई कोताही ना बरतने के निर्देश दिए हैं. मुख्य सचिव ने कहा कि 1 जुलाई तक जो भी कर्मचारी पात्र हो, उन्हें अनिवार्य रूप से पदोन्नति दे दी जाए. ताकि ना केवल इन कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिल सके बल्कि इसके सामने एक बाकी कर्मचारियों को पदोन्नति और रिक्त पदों के सापेक्ष भर्ती भी की जा सके.

राज्य सरकार की तरफ से प्रदेश में हजारों रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरे जाने की बात कही जाती रही है. लेकिन कई बार समय पर प्रमोशन नहीं मिलने के कारण पदोन्नति के चलते जो पद रिक्त होने हैं, उन पर भी नई भर्ती नहीं हो पाती. विभिन्न विभागों के अंतर्गत करीब 25000 पदों के रिक्त होने की बात कही जाती रही है. लेकिन राज्य में विभिन्न विभागों के अंतर्गत पदोन्नति के मामले पूरी तरह से निस्तारित करने के बाद और भी ऐसे कई पद हैं, जो रिक्त होंगे और उन पर भी युवाओं को भर्ती होने का मौका मिल सकता है.

राज्य में कर्मचारियों और अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि दर्ज करने के लिए भी मुख्य सचिव ने अफसरों को सख्त हिदायत दी है. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों द्वारा इसमें हीलाहवाली किए जाने के लिए नाराजगी भी जाहिर की. इसके बाद अधिकारियों को साफ कर दिया गया है कि वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि दर्ज करने में कोताही ना बरती जाए और प्रतिवेदक और समीक्षा जल्द से जल्द ACR (Annual Confidential Report) में अपनी टिप्पणी दर्ज करें, ताकि कर्मचारियों को समय से ACR (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) मिल जाए. शासन के अलावा विभागीय स्तर पर भी इसे अमल में लाने के लिए कहा गया है और इसके कारण कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े इस पर भी स्थिति स्पष्ट की गई है.