Breaking News
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की वार्ता, समाधान की दिशा में पहल
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी करते हुए राज्य में इस महत्वपूर्ण अभियान की औपचारिक शुरुआत की
  • डिजिटल जनगणना में उत्तराखंड ने बढ़ाया कदम, मुख्यमंत्री ने की सक्रिय भागीदारी
  • मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जन समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारी विधायकगणों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल एवं ऊधमसिंहनगर जनपद की विभिन्न विधानसभाओं से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा की।

स्पीकर ऋतु खंडूड़ी भूषण ने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए

लखनऊ/देहरादून, न्यूज़ आई । उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण लखनऊ के दो दिवसीय प्रावासीय दौरे के दौरान अयोध्या पहुंची। जहां उन्होंने अयोध्या श्री राम जन्मभूमि परिसर में रामलला के दर्शन किए। पुजारियों के मंत्रोच्चार के जाप के बीच उन्होंने पूजा-अर्चना और आरती की। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने भगवान राम से प्रदेश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
रामलला के दरबार पहुंचने पर विधानसभा अध्यक्ष ने राम मंदिर के भव्य निर्माण की जानकारी ली। इससे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने हनुमानगढ़ी पर हनुमंत लला के समक्ष माथा टेका एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद मंदिर के पुजारी ने विधानसभा अध्यक्ष को एक शॉल और राम मंदिर की एक लघु प्रतिकृति भी भेंट की। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कनक भवन सहित रामनगरी के विभिन्न मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन किया।
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भगवान श्रीराम का बनने वाला यह मंदिर भारत के गौरव को बढ़ाने वाला तथा हमारे इस अराध्य के लिए अद्वितीय होगा। उन्होंने कहा की मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या को भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में बसे हिंदुओं के लिए पवित्रतम तीर्थ माना जाता है। पुण्यदायिनी सरयू नदी की गोद में स्थित अयोध्या में कई ऐसे मंदिर हैं जो भक्तों को भगवान राम और उनके रामराज्य की अनुभूति कराते हैं। उन्होंने राम मन्दिर निर्माण कार्य में जुड़े समस्त लोगों, श्रद्वालुओं और केन्द्र व राज्य सरकार को हार्दिक बधाई दीद्य विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कण-कण में व्याप्त राम सम्पूर्ण हिन्दू समाज की आस्था के केंद्र हैं अयोध्या में श्रीराम लला के गर्भग्रह में माथा टेकना उनके लिए परम सौभाग्य की बात है।