Breaking News
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में किया प्रतिभाग
  • मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में 2024 में प्रस्तावित 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के सम्बन्ध में बैठक हुई आयोजित
  • कई देशों से जी-20 बैठक में आये डेलिगेट्स देवभूमि की विशिष्ट परंपरा, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक उत्कृष्टता से अभिभूत और उत्साहित दिखे
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर देहरादून-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस का किया शुभारंभ
  • प्रधानमंत्री ने देवभूमि उत्तराखंड को दी वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात

मनमानी वसूली से यात्रियों में रोष, यात्री सुविधाओं को लेकर भी उठाए सवाल

हरिद्वार/देहरादून, न्यूज़ आई । चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के दावे तथा यात्रा प्रबंधों को लेकर ढोल पीटने वाली सरकार के सामने अब इसका सच सामने आने लगा है। उड़ीसा और पश्चिम बंगाल से चार धाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं ने यहां की अव्यवस्थाओं को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज से निजी कंपनियों की मनमानी वसूली को रोकने व यात्रा व्यवस्थाओं को सुधारने की मांग की गई है।
पश्चिमी बंगाल और उड़ीसा से आए श्रद्धालुओं ने पूर्व मंडी परिषद संजय चोपड़ा और पूर्व ट्रैवल एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण प्रधान से मिलकर अपनी पीड़ा उन्हें बताई। उनका कहना है कि यात्रा प्रबंधन में लगी कंपनियों द्वारा यात्रियों से किराए के नाम पर मनमानी वसूली की जा रही है। क्योंकि सरकार ने कोई किराया निर्धारित नहीं किया है। उनका आरोप है कि यात्रा संचालन में लगी कंपनियां यात्रियों का शोषण कर रही हैं। पेट्रोलकृडीजल की बढ़ती कीमतों के नाम पर उनसे अतिरिक्त वसूली की जा रही है। उन्होंने सीएम धामी व सतपाल महाराज से इस लूट पर तत्काल रोक लगाने की है। यात्रियों का कहना है कि इससे सरकार और उत्तराखंड की छवि खराब हो रही है। उनका कहना है कि उत्तराखंड शासन प्रशासन द्वारा यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर बड़ेकृबड़े दावे तो किए गए हैं लेकिन धरातल पर हाल खराब है। उनका कहना है कि हरिद्वार के पंजीकरण भवन में यात्रियों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। बाकि सुविधाएं तो बहुत दूर की बात है उन्होंने मुख्यमंत्री व पर्यटन मंत्री से मनमानी वसूली करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।