Breaking News
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें विशेष प्रसन्नता है कि प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले अनेक युवा रिवर्स पलायन कर अपने गांव और प्रदेश लौटे हैं
  • नेचर गाइड केवल पर्यटकों के मार्गदर्शक नहीं, बल्कि उत्तराखंड के जंगलों और वन्यजीवों के प्रहरी हैंः मुख्यमंत्री
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विज्ञान एवं नवाचार नीति पर विशेषज्ञों के साथ किया सार्थक संवाद
  • मुख्यमंत्री धामी ने किया देहरादून साइंस सिटी निर्माण कार्यों का निरीक्षण
  • 01 हजार से अधिक लोगों ने कराया पंजीकरण, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला

चमोली में ग्लेशियर फटने से आई आपदा, हरिद्वार तक बढ़ा खतरा, अलर्ट जारी

चमोली/देहरादून, न्यूज़ आई: उत्तराखंड के चमोली जिले के रैनी में ग्लेशियर फटने से आपदा आ गई है। ग्लेशियर फटने से धौली नदी में बाढ़ आ गई है। इससे चमोली से हरिद्वार तक खतरा बढ़ गया है। स्टेट कंट्रोल रूम के अनुसार, गढ़वाल की नदियों में पानी ज्यादा बढ़ा हुआ है। करंट लगने से कई लोग लापता बताए जा रहे है। ग्लैशियर की बाढ़ के चलते ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट को बड़ा नुकसान हुआ.
इसके साथ ही हरिद्वार जिला प्रशासन ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। सभी थानों और नदी किनारे बसी आबादी को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। ऋषिकेश में भी अलर्ट जारी किया गया है। नदी से बोट संचालन और राफ्टिंग संचालकों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
चमोली जिले के नदी किनारे की बस्तियों को पुलिस लाउडस्पीकर से अलर्ट कर रही है। कर्णप्रयाग में अलकनंदा नदी किनारे बसे लोग मकान खाली करने में जुटे हैं। 
अपर जिलाधिकारी टिहरी शिव चरण द्विवेदी ने बताया श्रीनगर जल विद्युत परियोजना को झील का पानी कम करने के निर्देश जारी किए गए हैं। ताकि अलकनंदा का जल स्तर बढ़ने पर अतिरिक्त पानी छोड़ने में दिक्कत न हो।