Breaking News
  • विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी ने सत्र को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड आंदोलन में महिलाओं की भूमिका को याद किया
  • उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर तीखी बहस, सत्ता पक्ष ने बताया ऐतिहासिक कदम
  • कांग्रेस पर हमलावर हुये सीएम धामी, सदन के भीतर बोला हल्ला
  • वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम

उत्तराखंड में नहीं टूटा मुख्यमंत्री की हार का मिथक

देहरादून, न्यूज़ आई । उत्तराखंड के चुनाव मुख्यमंत्री की हार को लेकर भी जाने जाते हैं। अब तक 2002 में भगत सिंह कोश्यारी ही एक मात्र ऐसे सीएम साबित हुए, जो चुनाव में जीत पाए थे। हालांकि तब कोश्यारी की पार्टी चुनाव हार गई थी। इसके बाद 2007 में एनडी तिवारी ने चुनाव नहीं लड़ा इस कारण उन पर यह फार्मूला लागू नहीं हो पाया।
जबकि इसके बाद हर चुनाव मे सिटिंग मुख्यमंत्री की हार होती गई। 2012 में भुवन चंद खंडूडी और 2017 में हरीश रावत का नाम इसमें शामिल हैं, हरीश रावत तो एक साथ दो जगह से चुनाव हार गए थे। अब 2022 आते आते इस लीग में पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हो गए हैं। इधर, लालकुआं में ताजा हार के बाद हरीश रावत बतौर पूर्व मुख्यमंत्री चुनाव हारने वाले एक मात्र नेता बन गए हैं।