वीर बाल दिवस पर गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में आयोजित कथा कीर्तन में शामिल हुए सीएम धामी
देहरादून, न्यूज़ आई: वीर बाल दिवस पर सीएम धामी गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में आयोजित कथा कीर्तन में शामिल हुए। सीएम ने कहा कि नन्हें वीरों ने धर्म परिवर्तन स्वीकार करने के बजाय बलिदान को स्वीकार किया। सनातन और मानवता की रक्षा के लिए दिए गए इस बलिदान को आने वाले पीढ़ी भी नहीं भुला सकती। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वीर बाल दिवस के अवसर पर दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह तथा उनके चारों साहिबजादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह साहब के साहिबजादों का जीवन त्याग, शौर्य, धर्मरक्षा और देश भक्ति का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने भारत के स्वाभिमान की रक्षा के लिए हँसते-हँसते अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारों साहिबजादों का बलिदान भारतीय इतिहास के साथ विश्व में भी वीरता और साहस का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। इतिहास में ऐसा साहस, दृढ़ता और धर्मनिष्ठ त्याग कहीं और देखने को नहीं मिलता। उन्होंने कहा नन्हें वीरों ने धर्म परिवर्तन स्वीकार करने के बजाय मृत्यु को स्वीकार किया। इन वीर साहिबजादों ने ये सिद्ध कर दिया कि स्वधर्म और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती। उन्होंने कहा इस अमर बलिदान को आने वाली पीढ़ियाँ कभी भुला नहीं सकती।
