Breaking News
  • भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बनबसा में धामी कैबिनेट की बैठक, शासन को सीमांत क्षेत्रों तक ले जाने की नई पहल
  • बांद्रा टर्मिनस–दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ का हरिद्वार तक विस्तार, हरिद्वार से वेरावल और ओखा के लिए नई एसी एक्सप्रेस
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के बनबसा में क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों की घोषणा की।
  • जनजातीय समाज के सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री
  • पिथौरागढ़ क्षेत्र में एकलव्य आवासीय विद्यालय स्थापित करने का मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों से किया अनुरोध

उत्तराखंड की बेटी सृष्टि लखेड़ा की फिल्म ‘एक था गांव’ को बेस्ट नॉन फीचर फिल्म का मिला अवॉर्ड

देहरादून, न्यूज़ आई : उत्तराखंड की बेटी सृष्टि लखेड़ा की फिल्म ‘एक था गांव’ को बेस्ट नॉन फीचर फिल्म का अवॉर्ड मिला है। सृष्टि ने इस फिल्म का प्रोडक्शन और निर्देशन किया है। मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सृष्टि को पुरस्कार से नवाजा। उन्होंने कहा कि ‘मुझे खुशी है कि महिला फिल्म निर्देशक सृष्टि लखेरा ने ‘एक था गांव’ नामक अपनी पुरस्कृत फिल्म में एक 80 साल की वृद्ध महिला की संघर्ष करने की क्षमता का चित्रण किया है। महिला चरित्रों के सहानुभूतिपूर्ण और कलात्मक चित्रण से समाज में महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान में वृद्धि होगी।’ उत्तराखंड के टिहरी जिले के कीर्तिनगर ब्लॉक के सेमला गांव निवासी सृष्टि लखेड़ा (35) की फिल्म ‘एक था गांव’ इससे पहले मुंबई एकेडमी ऑफ मूविंग इमेज (मामी) फिल्म महोत्सव के इंडिया गोल्ड श्रेणी में जगह बना चुकी है। गढ़वाली और हिंदी भाषा में बनी इस फिल्म में घोस्ट विलेज (पलायन से खाली हो चुके गांव) की कहानी है। सृष्टि का परिवार ऋषिकेश में रहता है। सृष्टि के पिता बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केएन लखेरा ने बताया, सृष्टि करीब 13 साल से फिल्म लाइन के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं।