Breaking News
  • भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बनबसा में धामी कैबिनेट की बैठक, शासन को सीमांत क्षेत्रों तक ले जाने की नई पहल
  • बांद्रा टर्मिनस–दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ का हरिद्वार तक विस्तार, हरिद्वार से वेरावल और ओखा के लिए नई एसी एक्सप्रेस
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के बनबसा में क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों की घोषणा की।
  • जनजातीय समाज के सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री
  • पिथौरागढ़ क्षेत्र में एकलव्य आवासीय विद्यालय स्थापित करने का मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों से किया अनुरोध

कफ सिरप को लेकर सख्ती, उपयोग पर जारी एडवाइजरी को जिलों में सख्ती से लागू करने के आदेश

देहरादून, न्यूज़ आई: स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने केंद्र सरकार की ओर से बच्चों को कफ सिरप के उपयोग पर जारी एडवाइजरी को सख्ती से लागू करने के आदेश जारी किए। सभी जिलों के डीएम व सीएमओ को कफ सिरप उपयोग पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। डॉ. राजेश कुमार ने कहा, दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी या जुकाम की दवा नहीं दी जानी चाहिए। पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में इन दवाओं का सामान्य उपयोग की अनुशंसा नहीं की जाती है। केवल विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह, सही खुराक और न्यूनतम अवधि के लिए ही इनका उपयोग किया जा सकता है। अधिकांश मामलों में बच्चों की खांसी और जुकाम की समस्या स्वतः ठीक हो जाती है। इसलिए आवश्यक है कि चिकित्सक इन दवाओं के अनावश्यक प्रयोग से बचें।

स्वास्थ्य सचिव ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि औषधि निरीक्षक चरणबद्ध तरीके से कफ सिरप के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच कराएं। दोषपूर्ण या हानिकारक दवाओं को बाजार से तुरंत हटाया जाए। सभी डॉक्टर व औषधि विक्रेता केंद्र की एडवाइजरी का पालन करें। उन्होंने स्वास्थ्य, सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी चिकित्सा संस्थानों को निर्देश दिए कि केवल गुड मेन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस(जीएमपी) के अनुरूप निर्मित औषधियों की ही खरीद व वितरण करें। उन्होंने लोगों से अपील की है बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी या जुकाम की दवा देने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।