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“एक राष्ट्र, एक बाजार, एक कर” की भावना पर हुई जीएसटी की स्थापना: गडकरी

नई दिल्ली। सड़क परिवहन, राजमार्ग तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 2025 तक पांच ट्रिलियन डॉलर की भारतीय अर्थव्यवस्था के विजन को प्राप्त करने में मदद करेगा। गडकरी ने जीएसटी में अभी सुधार की गुंजाइश बताई है। जीएसटी दिवस पर दि इंस्टीटय़ूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की ओर से ‘जीएसटी की यात्रा और आगे की राह’ विषय पर आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जीएसटी की स्थापना “एक राष्ट्र, एक बाजार, एक कर” की भावना पर हुई थी। इससे मौजूदा व्याप्त महामारी की स्थिति के बावजूद व्यापार और उद्योग को बहुत मदद मिली और आगे भी मदद मिलेगी। गडकरी ने कहा कि वस्तु और सेवा कर 1 जुलाई 2017 से लागू किया गया था और इसने अपने कार्यान्वयन के चार साल पूरे कर लिए हैं। इन चार वर्षों के दौरान व्यापार करने के तौर-तरीकों में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। गडकरी ने कहा कि डिजिटलीकरण और सूचना प्रौद्योगिकी को बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और समयबद्ध निर्णय लेने की प्रक्रिया के लिए वित्तीय ऑडिट के साथ-साथ कार्य प्रदर्शन ऑडिट भी बहुत महत्वपूर्ण है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के सामने आ रही समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भुगतान में देरी चिंता का मुख्य कारण है जिसे हल किया जाना है।
उन्होंने कहा कि हालांकि जीएसटी ने चार साल पूरे कर लिए हैं, लेकिन इसमें अभी भी सुधार की गुंजाइश है। गडकरी ने कहा कि सभी हितधारकों से सहयोग, समन्वय, संचार और सुधार की आवश्यकता है।