Breaking News
  • BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का उत्तराखंड प्रवास: आज टपकेश्वर मंदिर में किए दर्शन, बूथ अध्यक्ष के घर पहुंचे
  • खटीमा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 89 लाख रुपये की विकास योजनाओं का किया लोकार्पण
  • चारधाम दर्शन को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। चारों धामों में दर्शन को श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग रही
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल यात्रा प्रबंधन ने जीता श्रद्धालुओं का विश्वास
  • केदारनाथ में पहुंच चुके हैं 08 लाख 11 हजार से अधिक श्रद्धालु

‘फ्लाइंग सिख’ के नाम से मशहूर भारत के महान धावक मिल्खा सिंह का हुआ निधन

‘फ्लाइंग सिख’ के नाम से मशहूर भारत के महान धावक मिल्खा सिंह का कल देर रात निधन हो गया. 91 वर्षीय मिल्खा सिंह को कोरोना होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां गुरुवार को उनकी रिपोर्ट निगेटिव तो आ गई थी लेकिन कल उनकी हालत नाजुक हो गई और उन्होंने जिंदगी का साथ छोड़ दिया. मिल्खा सिंह भारत के खेल इतिहास के सबसे सफल एथलीट थे. देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु से लेकर पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति फील्ड मार्शल अयूब खान तक सब मिल्खा के हुनर के मुरीद थे.
मिल्खा सिंह का जन्म 20 नवम्बर 1929 गोविंदपुरा (जो अब पाकिस्तान का हिस्सा हैं) में एक सिख परिवार में हुआ था. उनका बचपन बेहद कठिन दौर से गुजरा. भारत के विभाजन के बाद हुए दंगों में मिल्खा सिंह ने अपने मां-बाप और कई भाई-बहन को खो दिया. उनके अंदर दौड़ने को लेकर एक जुनून बचपन से ही था. वो अपने घर से स्कूल और स्कूल से घर की 10 किलोमीटर की दूरी दौड़ कर पूरी करते थे.
मिल्खा सिंह ने साल 1958 में कटक में आयोजित नेशनल गेम्स में उन्होंने 200 मीटर और 400 मीटर स्पर्धा में रिकॉर्ड बनाए. इसके बाद उसी साल टोक्यो में आयोजित हुए एशियन गेम्स में उन्होंने 200 मीटर और 400 मीटर की दौड़ में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया. साल 1958 में ही इंग्लैंड के कार्डिफ में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में मिल्खा ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए 400 मीटर की रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किया. उस समय आजाद भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को स्वर्ण पदक जीताने वाले वे पहले भारतीय थे.