Breaking News
  • भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बनबसा में धामी कैबिनेट की बैठक, शासन को सीमांत क्षेत्रों तक ले जाने की नई पहल
  • बांद्रा टर्मिनस–दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ का हरिद्वार तक विस्तार, हरिद्वार से वेरावल और ओखा के लिए नई एसी एक्सप्रेस
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के बनबसा में क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों की घोषणा की।
  • जनजातीय समाज के सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री
  • पिथौरागढ़ क्षेत्र में एकलव्य आवासीय विद्यालय स्थापित करने का मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों से किया अनुरोध

चारधाम यात्रा में सुरक्षा का भरोसा: 10 करोड़ का बीमा केदारनाथ जैसे उच्च हिमालयी धामों में यात्रियों के लिए राहत

देहरादून, न्यूज़ आई : चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मानव उत्थान सेवा समिति ने इस वर्ष भी 10 करोड़ रुपये का सामूहिक दुर्घटना बीमा कराया है. खासकर केदारनाथ जैसे ऊंचाई वाले धामों में स्वास्थ्य जोखिम बढ़ने के बीच यह पहल यात्रियों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है.

चारधाम यात्रा में सुरक्षा का भरोसा: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है. हिमालय की गोद में बसे बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम न केवल आस्था के केंद्र हैं, बल्कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों के कारण चुनौतीपूर्ण यात्रा भी माने जाते हैं. ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आपदा की स्थिति में राहत के उद्देश्य से मानव उत्थान सेवा समिति ने इस वर्ष भी चारधाम यात्रियों के लिए 10 करोड़ रुपये का सामूहिक दुर्घटना बीमा कराया है. इसके लिए 3 लाख 67 हजार 995 रुपये की प्रीमियम राशि का चेक पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपा.

10 करोड़ का बीमा: सतपाल महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की पहचान और धार्मिक पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र है. यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मानव उत्थान सेवा समिति लगातार कई वर्षों से बीमा सुविधा उपलब्ध कराती रही है. इस बार भी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के माध्यम से श्री बदरीनाथ-श्री केदारनाथ मंदिर समिति के जरिए 10 करोड़ रुपये का बीमा कराया गया है. चारों धामों के लिए 2.50-2.50 करोड़ रुपये का कवर निर्धारित किया गया है.

इन परिस्थितियों में मिलेगा लाभ: बीमा योजना के अनुसार मंदिर परिसरों में भगदड़, प्राकृतिक आपदा, ईश्वरीय जोखिम और आतंकवाद जैसी घटनाओं से प्रभावित प्रत्येक श्रद्धालु को एक लाख रुपये की सहायता राशि मिलेगी. यह व्यवस्था यात्रा के दौरान किसी भी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत देने के उद्देश्य से की गई है. पिछले वर्षों में भी यह योजना लागू रही है और इसे यात्रियों की सुरक्षा की दिशा में एक अहम पहल माना गया है.