Breaking News
  • BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का उत्तराखंड प्रवास: आज टपकेश्वर मंदिर में किए दर्शन, बूथ अध्यक्ष के घर पहुंचे
  • खटीमा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 89 लाख रुपये की विकास योजनाओं का किया लोकार्पण
  • चारधाम दर्शन को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। चारों धामों में दर्शन को श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग रही
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल यात्रा प्रबंधन ने जीता श्रद्धालुओं का विश्वास
  • केदारनाथ में पहुंच चुके हैं 08 लाख 11 हजार से अधिक श्रद्धालु

मुजफ्फरनगर में मंच से गरजे अखिलेश यादव योगी सरकार को हर मोर्चे पर बताया विफल

मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर राज्य के लोगों से वादाखिलाफी करने का आरोप लगाते हुये कहा है। कि अगर मुख्यमंत्री का उत्तराखंड से पलायन न हुआ होता तो राज्य के लोगों का पांच साल का वक्त बर्बाद न हुआ होता।
यादव ने गुरुवार को यहां कश्यप समाज के सम्मेलन में एक जनसभा को संबोधित करते हुये उत्तर प्रदेश में योगी सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुये कहा, “कल योगी जी यहां आकर लोगों के पलायन का मुद्दा उठा रहे थे लेकिन सच तो यह है। कि अगर मुख्यमंत्री का उत्तराखंड से पलायन न हुआ होता तो आपके पांच साल खराब नहीं होते।” उल्लेखनीय है कि बुधवार को योगी ने कैराना से कुछ हिंदू परिवारों के पलायन के लिये पूर्ववर्ती सपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया था।
किसान आंदोलन के बारे में अखिलेश ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को जब तक वापस नहीं लिया जायेगा तब तक हमारा विरोध जारी रहेगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “इन तीनों काले कानूनों से हमारे किसानों का कभी भला नहीं हो सकता है। इसलिये अब किसान ही इंकलाब कर सत्ता बदलने का काम करेंगे।
किसानों की आय को दोगुना करने के भाजपा सरकार का वादा झूठा साबित होने का दावा करते हुये अखिलेश ने कहा, “किसान भाईयो अब आप ही बताओ कि पांच साल में आपकी आय बढ़ी या कम हुई। सच यह है कि आय नहीं बढ़ी बल्कि मंहगाई बढ़ गई। इसलिये अब बदलाव होना तय है।
राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुये अखिलेश ने कहा, “बाबा (याेगी) कहते हैं। कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था अच्छी हो गयी है। लेकिन गोरखपुर और कानपुर में पुलिस ने कारोबारियों के साथ ऐसा बर्ताव किया कि उनकी जान ही चली गयी। ये महज दो घटनायें नहीं हैं। बल्कि ऐसी अनेकों घटनाएं हम बता सकते हैं। इसके लिये सिर्फ भाजपा की सरकार दोषी है।